Kuchh Na Kaho Sanjh

Format:Hard Bound

ISBN:978-93-5000-477-7

Author:SANJAY PARIKH

Pages:132


MRP : Rs. 325/-

Stock:In Stock

Rs. 325/-

Details

सागर किनारे रेत पर बैठे चलो करें प्यार की बातें रहे कुछ देर चुप लेने दें लहरों को गहरी साँसे पड़ जाने दें पानी की बूंदों को सीपी के मूँह में और फिर देखें खुली आँखों से अपलक इक दूसरे को.... संजय पारिख कविता अंश: ‘चढ़यो प्रेम सोपान’ से कविता संग्रह: कुछ न कहो इस साँझ संजय पारिख की इन मखमली कविताओं को पढ़े उनके काव्य-संग्रह ‘कुछ न कहो इस साँझ’ में|

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