Zindagi Ke Badalte Roop

Format:Hard Bound

ISBN:978-93-86799-43-3

Author:SHARAD PAGARE

Pages:368

MRP:Rs.595/-

Stock:In Stock

Rs.595/-

Details

'ज़िन्दगी के बदलते रूप’ पूर्व में प्रकाशित उपन्यास उजाले की तलाश और रूपा पब्लिकेशंस से When Faith Turned Red अनुवाद का सीक्वल है।ज़माना सीक्वल का है। साहित्य इससे कैसे बच सकता है। उजाले की तलाश में कहने से जो रह गया था सीक्वल उसकी पूर्ति करता है। पूरक है उसका। उजाले की तलाश के प्रकाशन के बाद के सालों में हालात बद से बदतर होते चले गये हैं। लोक कल्याण की जगह राजनेता, हाईकमाण्ड एवं प्रधानमंत्री के मौन समर्थन से राजनेता भ्रष्टाचार में आकण्ठ डूब एवं स्व कल्याण में लग गये। नेहरू-गाँधी परिवार की तर्ज पर खानदानी राज कायम होने लगा। इसमें पार्टी चाटुकारों ने प्रमुख रोल निभाया। जिस विश्वास से ग़रीब जनता ने लोकमंगल के लिए सत्ता सौंपी थी उससे विश्वासघात किया गया। ग़रीबों को उनका हक दिलाने के वादे बेशर्मी से भुला दिये गये। राष्ट्रीय सम्पदा-स्पेक्ट्रम, कोयला, कच्चा लोहा से मिलने वाली रकम में खुले आम दलाली अरबों में खायी गयी। हाईकमाण्ड और प्राधानमंत्री के संरक्षण में चम्बल के लुटेरे डाकू राजनीति में पहुँच गये।

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About the writer

SHARAD PAGARE

SHARAD PAGARE शरद पगारे कहनियों और उपन्यास की दुनिया में एक जाना-पहचाना नाम है,लेखक का सारा लेखन मनोरंजक और रोमांच पेड़ा करने वाला होता है। नया ज्ञानोदय,टूड़े इंडिया,आउटलूक,साप्ताहिक नवनीत,कादंबनी,दैनिक हिंदुस्तान,साप्ताहिक हिंदुस्तान,आह जिन्दगी जैसी पत्रिकाओं में लेखक लगातार लिखता रहा है, शरद पगारे मलयालम,तेलगु,उड़िया,उर्दू,इंगलिश, जैसी भाषाओं में लिखता रहा है। शरद को मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी,भाषा भूषण अलंकरण अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन भोपाल द्वारा 2010 में प्राप्त हो चुका है। डॉ. पगारे बुद्धिस्म सिल्प कॉम विश्वविधालय,बंकाक में पढ़ा चुके है।

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