Stanislavski : Charitra Ki Rachna-Prakriya

Format:Hard Bound

ISBN:978-93-8764-870-8

Author:Translated by Dr. Vishwanath Mishra

Pages:194


MRP : Rs. 595/-

Stock:In Stock

Rs. 595/-

Details

स्तानिस्लाव्स्की : चरित्र की रचना-प्रक्रिया

Additional Information

जैसे कोई कलाकार छेनी लेकर पत्थर से मूर्तियों की रचना करता है, उसके विभिन्न भागों में सन्तुलन, सुन्दर अनुपात और सही रेखाओं को खोजता है, रंगमंच के शारीरिक प्रशिक्षक को जीवन्त शरीर के साथ वैसे ही प्रतिफल की प्राप्ति की कोशिश करनी चाहिए और फिर इसके विभिन्न भागों के अनुपातों को समझना चाहिए। अभिनेता रचनात्मक प्रक्रिया में जितना अधिक अनुशासन और आत्म-संयम से काम लेता है, उसकी भूमिका का रूपाकार उतना ही स्पष्ट होता है और दर्शक भी उतना ही अधिक प्रभावित होते हैं। हर अभिनेता को अपनी वाणी की सामर्थ्य का विशेष रूप से भान होना चाहिए। अगर उसका अपनी वाणी पर समुचित अधिकार न हो तो भावों की सूक्ष्म भंगिमाओं का समुचित प्रयोग वह कैसे कर पाएगा!... रंगमंच पर वाचन की आधारभूत नियमावली को समझे बिना अपने मन को नये विचारों से भर लेने की कोई उपयोगिता नहीं है; विज्ञान और कला तभी सहायक होते हैं जब वे एक-दूसरे को सहारा दें और परिपूरक बनें।

About the writer

Translated by Dr. Vishwanath Mishra

Translated by Dr. Vishwanath Mishra डॉ. विश्वनाथ मिश्र 1923, सराय मीरा (कन्नौज) में जन्म एम.ए., डी.फिल्. (इलाहाबाद), डी.लिट्. 1950 से अध्यापन-सनातन धर्म महाविद्यालय, मुजफ़्फ़रनगर और फिर लखनऊ विश्वविद्यालय। रचनाएँ : हिन्दी नाटक पर पाश्चात्य प्रभाव नाटक का रंगविधान, स्तानिस्लास्की का रंगजीवन स्तानिस्लाव्स्की की पुस्तकों-भूमिका की संरचना (क्रिएटिंग ए रोल) एवं अभिनेता की तैयारी (ऐन ऐक्टर प्रिपेयस) का भाषान्तर। ललित कलाएँ और मनुष्य (इरविन एडमैन-'आर्ट्स एण्ड दि मैन' का रूपान्तर) सम्पर्क : 47/4, कबीर मार्ग, क्ले स्क्वायर, लखनऊ-226001

Customer Reviews

No review available. Add your review. You can be the first.

Write Your Own Review

How do you rate this product? *

           
Price
Value
Quality