Pyar Ka Pahle Khat

Format:Paper Back

ISBN:978-93-87648-95-1

Author:HASTIMAL HASTI

Pages:120

MRP:Rs.295/-

Stock:In Stock

Rs.295/-

Details

#नयीबहार प्यार का पहला ख़त | हस्तीमल ‘हस्ती’ हस्तीमल ‘हस्ती’ की ग़ज़लों में आदमी की खुद्दारी की लौ जहाँ-तहाँ दिखती है। हालात पर खीझ है, ग़ुस्सा है, पर उसे ललकारने की कूवत भी है। प्रेरणा भीतर से देते हैं वे, ग़ज़ल दो पंक्तियों में दस-बीस पन्ने की संवेदना उतार देती है। कम शब्दों में सच्चाई, ईमानदारी, समझदारी की बात ‘हस्ती’ की ग़ज़लों की विशेषता है। वे हर उलझन से बाहर आने की तरकीब भी सुझाते हैं, आत्मीय सलाह भी देते हैं- किस जगह रास्ता नहीं होता सिर्फ़ हमको पता नहीं होता बरसों रुत के मिज़ाज सहता है पेड़ यूँ ही बड़ा नहीं होता

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About the writer

HASTIMAL HASTI

HASTIMAL HASTI जन्म : 11 मार्च 1946 को आमेर जिले के राजसमंद शहर, राजस्थान में। प्रकाशित पुस्तकें क्या कहें किसे कहें' (महाराष्ट्र हिंदी साहित्य अकादमी), 'कुछ और तरह से भी' पुरस्कार महाराष्ट्र हिंदी साहित्य अकादमी की ओर से पुरस्कृत, अंबिका प्रसाद दिव्य पुरस्कार से सम्मानित संपादन गत १५ सालों से 'युगीन काव्या' (कविताओं की त्रैमासिकी) का संपादन प्रकाशन। अनुवाद विख्यात ग़ज़ल गायक जगजीत सिंह, पंकज उधास, मनहर उधास आदि ग़ज़ल गायकों द्वारा ग़ज़लें गायीं गई हैं।

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