Samay Ki Kasak

Format:Paper Back

ISBN:978-93-87648-62-3

Author:Sukrita Paul Kumar

Pages:130

MRP:Rs.295/-

Stock:In Stock

Rs.295/-

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Translated by Rekha Sethi

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Sukrita Paul Kumar

Sukrita Paul Kumar कवि, शिक्षक, आलोचक, सम्पादक व अनुवादक सुकृता पॉल कुमार भारतीय अंग्रेज़ी साहित्य की प्रतिष्ठित पहचान हैं। उनकी कविता का कैनवस, परिवेश और यथार्थ के साथ मानवीय अनुभव से जुड़े बड़े सवालों, प्रकृति के विराट में एकलय होते मानवीय अस्तित्व, रिश्तों की प्रगाढ़ता, स्त्री के नैसर्गिक रूप के अद्भुत बिम्ब, बेघरों के जीवन संघर्षों के ब्योरे और भी बहुत-सी छोटी-बड़ी बातों से रचा गया है। उनके प्रमुख कविता संग्रह हैं - ‘विदआउट मर्जिंस’, ‘अपूर्ण’, ‘ड्रीम कैचर’, ‘ऑसिलेशन्स’, ‘अनटाइटल्ड’ आदि। गुलज़ार ने उनकी कविताओं के अनुवाद ‘पोएम्स कम होम’ शीर्षक से किये हैं। सविता सिंह के साथ उनकी कविताओं की द्विभाषी प्रस्तुति ‘साथ चलते हुए’ में हुई है। आलोचना के क्षेत्र में ‘नरेटिंग पार्टीशन’ तथा ‘इस्मत आपा’ विशेष उल्लेखनीय हैं। उनके द्वारा किये अनुवादों में प्रमुख हैं ‘ब्लाइंड’ (जोगिन्दर पॉल का उपन्यास नादीद) तथा ‘न्यूड’ (विशाल भारद्वाज की कविताएँ)। International Writing Programme, IOWA में तीन माह की अवधि की लेखन कार्यशाला में सुकृता को कवि रूप में आमन्त्रित किया गया। उन्हें अनेक फ़ेलोलोशिप मिले हैं जिनमें शिमला स्थित भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान का तथा भारतीय संस्कृति मन्त्रालय का टैगोर फ़ेलोशिप उल्लेखनीय हैं। वे अभी हाल तक दिल्ली विश्वविद्यालय के अरुणा आसफ़ अली चेयर पर पदासीन रही हैं।

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