Wah Madiyara Sanp

Format:Hard Bound

ISBN:978-93-87409-87-3

Author:VIJAY BAHADUR SINGH

Pages:264

MRP:Rs.695/-

Stock:In Stock

Rs.695/-

Details

जीवन को अलग-अलग निगाह से देखने और पहचानने की एक स्वच्छन्द कोशिश है। इसमें जितना समय है, उतना ही समय की गवाही देते आदमी की रंगारंग फितरतें भी। यह कहना गुनाह नहीं होगा कि लेखक की स्मृतियों की सीमा ही, इनकी भी सीमा है अन्यथा तो ये सब जो यहाँ याद किये गये हैं, सचमुच याद करने लायक हैं। ये सब अलग-अलग किस्में हैं, स्वभावतः अपनी विरलता का सौन्दर्य और रोमांच लिए हुए। जिस भाषा और शिल्प के मुहावरे में ये बाँधे गये हैं उसमें उनके व्यक्तित्व की वे सुगन्धें धीमे-धीमे मुस्करा रही हैं, जो कई अन्यों के भी अनुभवों में होंगी।

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About the writer

VIJAY BAHADUR SINGH

VIJAY BAHADUR SINGH 16 फरवरी,1940 को उत्तर प्रदेश के फ़ैज़ाबाद- अब अंबेडकर नगर-के गाँव जयमलपुर के जन्मे विजय बहादुर सिंह ने अध्यापन कार्य के साथ –साथ महत्वपूर्ण आलोचनात्मक कृतियो की सृष्टि कर सृवभारतीय प्रतिष्ठा प्राप्त की है

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