GANDHI, AMBEDKAR, LOHIA AUR BHARTIYA ITIHAS KI SAMASYAEN

Format:Hard Bound

ISBN:81-7055-744-5

Author:DR.RAMVILAS SHARMA

Pages:786

MRP:Rs.995/-

Stock:In Stock

Rs.995/-

Details

गांधी, आंबेडकर, लोहिया-ये तीनों वर्तमान भारत के राजनीतिक और सांस्कृतिक आंदोलनों के लिए प्रासंगिक हैं। तीनों भारतीय इतिहास के बारे में सोचते हैं, जातिप्रथा से टकराते हैं, साम्राज्यवाद के प्रति अपना विशेष दृष्टिकोण अपनाते हैं और समाज को बदलना चाहते हैं। जो लोग भी वर्तमान समाज व्यस्था से असंतुष्ट हैं, उसमें परिवर्तन चाहते हैं, उन्हें इन तीनों का एक साथ अध्ययन करना चाहिए। गांधी, आंबेडकर, लोहिया-तीनों प्रासंगिक हैं लेकिन आज के भारत और भारतीय इतिहास की समस्याओं पर विचार करने पर हम पाते हैं कि इनकी प्रासंगिकता एक जैसी नहीं है।

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DR.RAMVILAS SHARMA

DR.RAMVILAS SHARMA "डॉ॰ रामविलास शर्मा (10 अक्टूबर, 1912- 30 मई, २०००) आधुनिक हिन्दी साहित्य के सुप्रसिद्ध आलोचक, निबंधकार, विचारक एवं कवि थे। व्यवसाय से अंग्रेजी के प्रोफेसर, दिल से हिंदी के प्रकांड पंडित और महान विचारक, ऋग्वेद और मार्क्स के अध्येता, कवि, आलोचक, इतिहासवेत्ता, भाषाविद, राजनीति-विशारद ये सब विशेषण उन पर समान रूप से लागू होते हैं। उन्नाव जिला के उच्चगाँव सानी में जन्मे डॉ॰ रामविलास शर्मा ने लखनऊ विश्वविद्यालय से अंग्रेजी में एम.ए. तथा पी-एच.डी. की उपाधि सन् 1938 में प्राप्त की। सन् 1938 से ही आप अध्यापन क्षेत्र में आ गए। 1943 से 1974 तक आपने बलवंत राजपूत कालेज, आगरा में अंग्रेजी विभाग में कार्य किया और अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष रहे। इसके बाद कुछ समय तक कन्हैयालाल माणिक मुंशी हिन्दी विद्यापीठ, आगरा में निदेशक पद पर रहे। 1970 'निराला की साहित्य साधना' के लिये साहित्य अकादमी पुरस्कार. 1999 'भारत के प्राचीन भाषा परिवार और हिन्दी' के लिये व्यास सम्मान. "

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