Yogphal

Format:Hard Bound

ISBN:978-93-8868-473-6

Author:ARUN KAMAL

Pages:92

MRP:Rs.295/-

Stock:In Stock

Rs.295/-

Details

सुपरिचित कवि अरुण कमल का यह संग्रह जीवन के अनेक अनुभवों, प्रसंगों और चरित्रों का योगफल है। इसकी मूल प्रतिज्ञा ही यही है कि प्रत्येक जीवन समस्त जीव-जगत का, वरन् भुवन के प्रत्येक तृण-गुल्म का, समाहार है। इसलिए कोई भी इयत्ता या पहचान शेष सबको अपने में जोड़कर ही पूर्णता प्राप्त करती है। अतिरंजना का जोखिम उठाते हुए कहा जा सकता है कि इसीलिए एक कवि, श्रेष्ठ कवि, सम्पूर्ण मनुष्यता का योगफल है।

यहाँ अरुण कमल की कविता के प्रायः सभी पूर्वपरिचित अवयव या स्वर उपस्थित हैं। लेकिन जो बाकी सबसे किंचितू भिन्न और नवीन है वह है कविता का बहुमुखी होना। वह एक साथ कई दिशाओं में खुलती है। एक ही रश्मि अनेक पहल और कटावों से आती-जाती है। पहली कविता ‘योगफल’ से लेकर अन्तिम कविता ‘प्रलय' तक इसे देखा जा सकता है जहाँ दोनों तरह के खदान हैं-धरती के ऊपर खुले में तथा भीतर गहरे पृथ्वी की नाभि तक। हर अनुभव को उसके उद्गम और फुनगियों तक टोहने का उद्यम। इसीलिए यहाँ कुछ भी त्याज्य या अपथ्य नहीं है-न तो रोज-ब-रोज के राजनीतिक प्रकरण, जो कई बार हमारे जीने या मरने की वजह तै ।

करते हैं, न ही रात के तीसरे पहर का स्वायत्त एकान्त। द्वन्द्वों एवं विरुद्धों का समावेश करती यह एक सम्पूर्ण कविता है-'नीचे धाह ऊपर शीत' ।

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About the writer

ARUN KAMAL

ARUN KAMAL 15 फरवरी,1954 को नासरीगंज(रोहतास )में जन्म, चार कविता-पुस्तके अपनी केवल धार,सबूत,नये इलाके में तथा पुतली में संसार प्रकाशित

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