Kumbh : Aitihasik Vangmaya

Format:Hard Bound

ISBN:978-93-88684-83-5

Author:HERAMB CHATURVEDI

Pages:126

MRP:Rs.595/-

Stock:In Stock

Rs.595/-

Details

‘कुम्भ' से सम्बन्धित आख्यानों, कथाओं, मिथकों, रूपकों-प्रतीकों को समेटते हुए महाभारत एवं पुराणों में उल्लेखों-वर्णनों की विवेचना के पश्चात् प्रयाग के कुम्भ की विशेषता को रेखांकित करते हुए, उज्जैन, नासिक एवं हरिद्वार से अलग इसकी पृथक् पहचान स्थापित की है। ब्रह्मा के यज्ञ से लेकर भारद्वाज-आश्रम पर संगम के साथ ही ‘सरस्वती नदी/धारा का वैज्ञानिक सच भी रेखांकित किया है। तत्पश्चात भारतीय इतिहास के प्राचीन, मध्ययुगीन एवं आधुनिक कालों में ‘कुम्भ' के विवरणों, दस्तावेजों के पुष्ट प्रमाण पर उसका ऐतिहासिक वर्णन किया है। अखाड़ों, उनके ‘शाही स्नान’ और ‘पेशवाई' को भी ऐतिहासिक तिथियों द्वारा प्रमाण सहित वर्णित किया है। ‘संगम’, ‘प्रयाग’, ‘कुम्भ' के आयोजन के उल्लेख में हिन्दू पुनर्जागरण में शंकराचार्य का महत्त्व और सांस्कृतिक एकता को दर्शाया है। इस पुस्तक का महत्त्व इसलिए भी है कि पूर्व में लिखी सम्बन्धित पुस्तकों का ‘क्रिटीक’ भी सम्मिलित है।

Additional Information

No Additional Information Available

About the writer

HERAMB CHATURVEDI

HERAMB CHATURVEDI हेरम्ब चतुर्वेदी हेरम्ब चतुर्वेदी का जन्म 31 दिसम्बर, 1955 को इंदौर में हुआ था ! उनकी प्रारंभिक से उच्च शिक्षा सब, इलाहबाद में संपन्न हुई ! इलाहबाद विश्व विद्यालय से 1976 में बी.ए. तथा 1978 में एम्.ए. प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण ! जनवरी, 1980 से इसी विश्व विद्यालय में अध्यापन, सम्प्रति इतिहास विभाग में प्रोफ़ेसर के रूप में कार्यरत ! आपने आठ पुस्तकों का लेखन किया, जिनमें से दो ('मध्यकालीन भारत में राज्य और राजनीति' ) को उत्तर प्रदेश हिंदी संसथान का वर्ष 2003 एवं 2005 का 'आचार्य नरेन्द्र देव' पुरस्कार प्राप्त ! 'दिनमान टाइम्स', 'सन्डे आब्जर्वर', 'साहित्य अमृत', 'मनोरमा', 'गंगा-जमुना' सहित अनेक पत्रिकाओं में लेख आदि प्रकाशित ! रेडियो, दूरदर्शन, ज्ञान वाणी पर निरतर वार्ताओं का प्रसारण !

Customer Reviews

No review available. Add your review. You can be the first.

Write Your Own Review

How do you rate this product? *

           
Price
Value
Quality