Kastoorba

Format:Paper Back

ISBN:978-93-8733-01-39

Author:SANDHYA BHARARE

Pages:148

MRP:Rs.225/-

Stock:In Stock

Rs.225/-

Details

कस्तूरबा

Additional Information

दुनिया के सारे घर औरत की सहनशीलता के कन्धे पर बसे हैं। जिस दिन औरत कन्धे झटक देगी यह घर भरभराकर गिर पड़ेंगे। यही कहानी है बालिका कस्तूरी की। पोरबन्दर के दीवान की बहू, मोहनदास गाँधी की पत्नी, हरिलाल, मणिलाल, देवदास और रामदास की माँ, फिर महात्मा गाँधी की पत्नी और सबकी बा। जीवन का यह प्रवास उतना ही सुखमय रहा जितना रामचन्द्रजी के साथ सीता का वनवास, जिसमें यही सन्तोष है कि राम साथ हैं। बाकी कन्दमूल खाकर कुटिया में रहकर काँटों भरी पगडण्डियों पर चलते हुए पाँवों के लहूलुहान होने की प्रक्रिया समान ही है। जीवन यात्रा के चिरन्तन संघर्ष में कहीं महात्मा के नाम को नहीं बिछाया, कभी बापू के नाम को नहीं ओढ़ा। स्वयं की ज़िद और स्वाभिमान के साथ, जीवन यात्राा पूर्ण की। यह कस्तूरी के बा बनने तक की कथा है।

About the writer

SANDHYA BHARARE

SANDHYA BHARARE जन्म : 1943, निसरपुर (ज़िला धार-म.प्र.) शिक्षा : एम.ए. (हिन्दी), पीएच.डी. (हिन्दी पत्रकारिता और डॉ. प्रभाकर माचवे) मराठी, हिन्दी मराठी अंग्रेजी में लेखन अध्ययन कार्य-'शीशे का घर' कहानी संग्रह, 'दर्द के हस्ताक्षर' कविता संग्रह प्रकाशित। श्रीमती पुष्पा काणे की मराठी पुस्तक 'नभोवाणी तन्त्र आणी मन्त्र' का हिन्दी में अनुवाद। आकाशवाणी नागपुर, इन्दौर और मॉरिशस से कविता या मरा और कहानी प्रसारित होती रही हैं। पुरस्कार : कहानी 'कठपुतली' हिन्दी निदेशालय नयी दिल्ली द्वारा लेखक शिविर में; 'उसका बाप' कहानी अमरावती की साहित्य दीप संस्था से; कहानी 'अग्निपरीक्षा', 'अक्षर' संस्था खरगोन से; 'आज के युग में रामायण की उपयोगिता' निबन्ध, सनातन धर्म पुस्तकालय, अकोला; राष्ट्रभाषा प्रचार समिति भोपाल में राज्यपाल द्वारा ‘अहिन्दी भाषी हिन्दी सेवा' के लिए सम्मान; स्व. हिरुमल रिझवानी सम्मान, इन्दौर। साहित्य श्री सम्मान, अखिल भारतीय भाषा साहित्य परिषद, भोपाल; 'स्त्री सखी' महिला मण्डल की संस्थापक।

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