Anusandhan : Swaroop Aur Aayam

Format:Paper Back

ISBN:978-93-5072*845-1

Author:Dr. Umakant Gupt

Pages:250

MRP:Rs.295/-

Stock:In Stock

Rs.295/-

Details

अनुसंधान स्वरुप और आयाम

Additional Information

संचयन शोध के बहुकेन्द्रीय संसार को किसी पाश में बाँधने का जतन भर नहीं है वरन् शोध संसार के धरातल पर विविध प्रश्नों एवं पद्धतियों के अन्तर्गुम्फन की एक सार्थक पहल एवं कोशिश है। यह सम्भवतः एकमात्र ऐसा शोध संचयन है जिसमें बहुअनुशासमीयता के उदय से व्यवस्थित चिन्तन की विकसित सरणियों पर भी पर्याप्त ध्यान - दिया गया है। यह अनुसंधानपरक व्यवस्थित चिन्तन के नवीनीकरण की प्रक्रिया पर भी बल देता है। शोध के लोकतन्त्र की आधार भूमि की-सम्भावनाओं के अंकुरण चिह्न भी इस संचयिता में देखे-परखे जा सकते हैं। यह शोध संचयिता प्रश्नाकुल, जिज्ञासु और अनुभवी पाठकों की बौद्धिक माँग को भी पूरा करता है। साथ ही अनुसंधानपरकता के मूल्यान्वेषण को-समावेश करना इसकी एक अहम उपलब्धि कही जा सकती है। यह पुस्तक एक साथ अनुसन्धित्सुओं, शोध अध्येताओं, जिज्ञासुओं और -शोध समाज के वैज्ञानिक विकास में रुचि रखने वाले सभी पाठकों के लिए उपादेय होगी।

About the writer

Dr. Umakant Gupt

Dr. Umakant Gupt जन्म: 02 फरवरी, 1947, सागर (मध्यप्रदेश)। शिक्षा: सागर विश्वविद्यालय से आधुनिक इतिहास में एम.ए. और एल.एल.बी.। व्यवसाय: एडीशनल कमिश्नर (सह.) के पद से सेवानिवृत्ति के बाद स्वाध्यायी लेखन। विदेश यात्रा: यू.एस.ए., कनाडा, इंग्लैण्ड, नार्वे, स्वीडन, डेनमार्क, जर्मनी, बेल्जियम, मॉरीशस, दुबई, मलेशिया,थाईलैण्ड, सिंगापुर के अलावा श्रीलंका, नेपाल आदि देशों की यात्रा। प्रकाशन: पहली कहानी ‘न्यायाधीश’ सन् 1985 में ‘साक्षात्कार’ में प्रकाशित। इसके अलावा ‘हंस’, ‘कथन’, ‘कथादेश’, ‘वागर्थ’, ‘साक्षात्कार’, ‘शुक्रवार’, ‘रचना समय’, ‘वर्तमान साहित्य’, ‘वसुधा’, ‘कादम्बिनी’, ‘प्रेरणा’, ‘पहले-पहल’ आदि अनेक पत्र-पत्रिकाओं में कहानियों का प्रकाशन। गद्य-विधा की अनेक महत्त्वपूर्ण कृतियों पर आलोचना-कर्म। पहला कथा संग्रह ‘खेलणपुर और अन्य कहानियाँ’ व्यापक रूप से चर्चित। दूसरा संग्रह ‘इस्तगासा’ वर्ष2004 में प्रकाशित। अन्य उपक्रम: हिन्दी के जाने-पहचाने लेखकों के अलावा नये रचनाकारों को आगे लाने और मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मित्रागण के सहयोग से वर्ष 1994 से भोपाल में साहित्य गोष्ठियों में लगभग114 कवि, कथाकारों, नाट्यलेखकों और आलोचकों के कार्यक्रम आयोजित किये। विभिन्न साहित्यिक संस्थाओं और उपक्रमों से जुड़ाव और सहभागिता। सम्मान: ‘साक्षात्कार’ में प्रकाशित ‘बलि’ एवं अन्य छोटी कहानियों के लिए ‘स्व. रमाकांत स्मृति कहानी पुरस्कार’; म.प्र. लेखक संघ का ‘सारस्वत सम्मान’; म.प्र. हिन्दी साहित्य सम्मेलन का ‘वागीश्वरी सम्मान’; अभिनव कला परिषद् का ‘अभिनव शब्द शिल्पी सम्मान’ एवं अन्य स्थानीय सम्मान ।

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