Kashmir Ka Bhavishya

Format:Paper Back

ISBN:978-93-5229-208-0

Author:RAJ KISHORE

Pages:164

MRP:Rs.125/-

Stock:In Stock

Rs.125/-

Details

कश्मीर का भविष्य

Additional Information

अभी तक जिसे हम 'कश्मीर समस्या' के रूप में जानते थे, वह अब 'कश्मीर प्रश्न' है। यह प्रश्न बीज रूप में हमेशा उपस्थित था, किन्तु उसे विकसित करने का श्रेय उन नीतियों को ही है, जो अंधराष्ट्रवाद और लोकतंत्र-संकोच की देन हैं। बेशक साम्राज्यवादी शक्तियों का कश्मीर विलाप सिर्फ़ उनके स्वार्थों की गुर्राहट है और पाकिस्तान के लिए इस्लामवाद के विस्तार का मामला। लेकिन असली सवाल तो यह है कि कश्मीर का भविष्य क्या शक्ल अख्तियार करने जा रहा है? क्या वह आजाद होगा? दक्षिण एशिया के लिए और स्वयं कश्मीर के लिए इस आज़ादी का मतलब क्या होगा? कश्मीर की ट्रेजेडी का एक लगभग संपूर्ण तथा वस्तुपरक विश्लेषण।

About the writer

RAJ KISHORE

RAJ KISHORE राजकिशोर 2 जनवरी 1947 को कलकत्ता में जन्म। शिक्षा : कलकत्ता विश्वविद्यालय से एम.ए. (हिन्दी), एलएल.बी. तथा बी. कॉम. (ऑनस)। पत्रकारिता की शुरुआत अगस्त 1977 में आनंद बाजार पत्रिका समूह, कलकत्ता द्वारा प्रकाशित साप्ताहिक 'रविवार' से। 1986-87 में साप्ताहिक 'परिवर्तन' का संपादन किया। 1987 से 1990 तक 'रविवार' के संयुक्त संपादक। 1990 से 1996 तक नवभारत टाइम्स, दिल्ली में वरिष्ठ सहायक संपादक। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में हजारों लेख प्रकाशित हो चुके हैं। मुख्यतः राजनीति, समाज एवं आर्थिक विषयों पर लेखन। संप्रति प्रेस इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की त्रैमासिक पत्रिका 'विदुर' के संयुक्त संपादक। अन्य प्रकाशन : पत्रकारिता के परिप्रेक्ष्य, आजादी एक अधूरा शब्द है, स्त्री-पुरुष : कुछ पुनर्विचार, धर्म, सांप्रदायिकता और राजनीति, हिन्दी लेखक और उसका समाज, जाति कौन तोड़ेगा तथा तुम्हारा सुख (उपन्यास)। संपादन : समकालीन पत्रकारिता : मूल्यांकन और मुद्दे। सह-संपादन : मुसलमान क्या सोचते हैं। लोकप्रिय पुस्तक श्रृंखला ‘आज के प्रश्न' के संपादक, जिसके अंतर्गत अब तक 13 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। पुरस्कार और सम्मान : पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए 1988 में लोहिया पुरस्कार, 1990 में हिन्दी अकादमी, दिल्ली द्वारा साहित्यकार सम्मान तथा 1995 में बिहार राष्ट्रभाषा परिषद, बिहार द्वारा राजेन्द्र माथुर पत्रकारिता पुरस्कार। 1996 में मध्य प्रदेश सरकार की राजेन्द्र माथुर पत्रकारिता फेलोशिप।

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