Harivansh Rai Bachchan Ki Sahitya-Sadhana

Format:Hard Bound

ISBN:978-93-8956-342-9

Author:PUSHPA BHARTI

Pages:382

MRP:Rs.495/-

Stock:In Stock

Rs.495/-

Details

हरिवंशराय बच्चन की साहित्य-साधना

Additional Information

"भारत के पुनर्जागरण की वेला में अनेकानेक आंदोलन उठे परंतु उनमें दो प्रमुख थे-एक राष्ट्र को स्वतंत्र करने का आंदोलन और दूसरा राष्ट्र को एक भाषा से सुसंगठित करने का आंदोलन। वस्तुतः कालक्रम में यह दूसरा आंदोलन पहले उठा, जैसा कि स्वाभाविक भी था और मैं कहना चाहूँगा कि यह पहले से अधिक व्यापक और महत्त्वपूर्ण भी था। स्वतंत्रता मिलने के पश्चात् स्वतंत्रता का आंदोलन समाप्त हो गया, पर राष्ट्र भाषा का आंदोलन आज भी चल रहा है और उस समय तक चलता रहेगा जब तक कि यह समस्त देश एक भाषा के सुवर्ण सूत्र में आबद्ध नहीं हो जाता। इस देश की विविधता सदियों से इतिहास के घटना चक्रों में पड़ी एकसूत्रता और अखंडता के लिए चीत्कार कर रही है। बाहरी रज्जुपाशों और श्रंखलाओं से जकड़ कर यह एकता नहीं लाई जा सकती। उसे तो किसी आंतरिक सूत्र से ही लाना होगा और वह सत्र एक भाषा का है। हिंद के लिए हिंदी का है। जब तक यह देश अपनी सांगिक और स्वाभाविक एकता नहीं प्राप्त कर लेता तब तक इसकी स्वतंत्रता अधरी है। इसकी स्वतंत्र सत्ता अस्पष्ट! इसीलिए आज वर्षों से श्रद्धेय टंडनजी परम आस्था और दढता के स्वरों में यह उद्घोषणा करते आ रहे हैं कि राष्ट्रीयता ही हिंदी और हिंदी ही राष्ट्रीयता है। इस ऋचा के उदार और उदात्त अर्थ को न समझना अपनी बुद्धि की परिक्षीणता, हृदय की संकीर्णता और दष्टि की मलिनता का ही सबूत देना है।" 'आल इंडिया रेडियो लखनऊ में भाषण' से, 1960

About the writer

PUSHPA BHARTI

PUSHPA BHARTI हिन्दी साहित्य की महत्त्वपूर्ण हस्ताक्षर पुष्पा भारती का जन्म 1935 में उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में हुआ था। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हिन्दी साहित्य में एमए पुष्पा जी ने कुछ समय तक कोलकाता में अध्यापन भी किया। धर्मवीर भारती से विवाह के बाद मुम्बई आयीं और मुक्ताराजे के छद्म नाम से लेखन की शुरुआत की। पुष्पा जी ने विश्व प्रसिद्ध लेखकों और कलाकारों के निजी प्रेम प्रसंगों पर आधारित उनकी निजी प्रेम गाथाएँ लिखीं। वेंकटरामन, राजीव गाँधी, सोनिया गाँधी, अमिताभ बच्चन और सचिन तेंदुलकर समेत तमाम विशिष्ट व्यक्तियों के साक्षात्कार लिए। राजस्थान शिक्षा विभाग के आग्रह पर 'एक दुनिया बच्चों की' का सम्पादन किया। लम्बे समय तक बाल चित्र निर्माण संस्था (सीएफएसआई) से जुड़ी रहीं। इनकी प्रकाशित कृतियाँ हैं। ‘आधुनिक साहित्य बोध’, ‘रोमांचक सत्य कथाएँ’, ‘शुभागत’, ‘रोचक राजनीति’, ‘हिन्दी के तीन उपन्यास’, ‘ढाई आखर प्रेम के’, ‘अमिताभ आख्यान’, ‘सरस संवाद’ और ‘सफर सुहाने’।

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