Jansatta


    Date: 31-10-2018

    वरिष्ठ कथाकार महावीर राजी की कहानियाँ अपने अद्भुत शिल्प और शिल्प के कंगारू-गोद में दुबके अछूते कथ्यों की वजह से निश्चित रूप से सचेत पाठक वर्ग का ध्यान आकर्षित किये बिना नहीं रह सकतीं।
    http://epaper.jansatta.com/1873536/Jansatta/28-October-2018#page/7/3

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