Dainik Jagran | Vani Book Shop | Anant Vijay


    Date: 7-11-2019

    “दिल्ली में अब भी बहुत कम ऐसी जगह हैं जहाँ साहित्य की हर विधा की पुस्तकें मिलती हों। सामने लॉन हो जहाँ बैठकर चाय कॉफी का लुत्फ़ लिया जा सके। कॉफी हाउस की जगह पर पालिका बाज़ार बनने के बाद मोहन सिंह प्लेस के कॉफी हाउस में साहित्यकारों की बैठकी जमा करती थी। लेकिन एक जगह ऐसी थी जहाँ साहित्यकारों के अलावा रंगकर्मी से लेकर संस्कृतिक्रमी तक जुटा करते थे। ये जगह थी श्रीराम कला केन्द्र के भूतल पर स्थित वाणी पुस्तक केन्द्र जो दस साल तक चलने के बाद बन्द हो गई अभी भी कमी खलती है पुस्तक केन्द्र की।” - अनंत विजय


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