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प्रतिमान के संदर्भ में

पिछले बारह साल से विकासशील समाज अध्ययन पीठ (सी.एस.डी.एस.) का भारतीय भाषा कार्यक्रम समाज-विज्ञान और मानविकी में हिंदी के चिंतन-जगत को समृद्ध करने की परियोजना चला रहा है। अभी तक चार ग्रंथमालाओं (लोक-चिंतन ग्रंथमाला, लोक-चिंतक ग्रंथमाला, सामयिक विमर्श ग्रंथमाला और सरोकार ग्रंथमाला) के तहत वाणी प्रकाशन द्वारा प्रकाशित पंद्रह से ज़्यादा पुस्तकों का बड़े पैमाने पर स्वागत हुआ है। इन ग्रंथमालाओं के तहत लोकतंत्र, भूमण्डलीकरण, दलित और आधुनिकता, सेकुलरवाद, साम्प्रदायिकता, राष्ट्रवाद, राजनीतिक प्रणाली, नारीवाद और सेक्शुअलिटी जैसे विषयों पर उच्चकोटि की सामग्री प्रकाशित की गयी है। अपने शुरुआती वर्षों में कार्यक्रम का ज़ोर अंग्रेज़ी में उपलब्ध समाज-चिंतन की उच्च-स्तरीय रचनाओं को अनुवाद और सम्पादन के ज़रिये हिंदी में लाने पर था। हाल ही में इस कार्यक्रम ने अंग्रेज़ी के साथ-साथ भारतीय भाषाओं में भी अनुसंधानपरक समाज-चिंतन और उसके साथ जुड़ी हुई ज्ञानमीमांसक चुनौतियों से जुड़े प्रश्नों पर समग्र रूप से विचार करना शुरू किया है। इसीलिए अंग्रेज़ी से अनुवाद और सम्पादन की प्रक्रियाओं को दी गई प्रमुखता $कायम रखते हुए अब यह कार्यक्रम हिंदी में अनुसंधानपरक समाज-चिंतन के मूल लेखन को प्रोत्साहन देने की दिशा में बढ़ रहा है। समाज-विज्ञान और मानविकी की पूर्व-समीक्षित पत्रिका प्रतिमान समय समाज संस्कृति का प्रकाशन इसी दिशा में उठाया गया एक अहम $कदम है जिसकी परिणति आगे चल कर अनुसंधान और लेखन की एक सघन और बहुमुखी योजना में होगी। फ़िलहाल परियोजना हिंदी-जगत तक सीमित है, लेकिन जल्दी ही अन्य भारतीय भाषाओं में पहल$कदमियाँ लेने की कोशिशें की जाएँगी।

सम्पादक :

अभय कुमार दुबे के संदर्भ में -

विकासशील समाज अध्ययन पीठ (सीएसडीएस) में $फेलो और भारतीय भाषा कार्यक्रम के निदेशक। पिछले दस साल से हिंदी-रचनाशीलता और आधुनिक विचारों की अन्योन्यक्रिया का अध्ययन। साहित्यिक रचनाओं को समाजवैज्ञानिक दृष्टि से परखने का प्रयास। समाज-विज्ञान को हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं में लाने की परियोजना के तहत पंद्रह ग्रंथों का सम्पादन और प्रस्तुति। कई विख्यात विद्वानों की रचनाओं के अनुवाद। समाज-विज्ञान और मानविकी की पूर्व-समीक्षित पत्रिका प्रतिमान समय समाज संस्कृति के सम्पादक। पत्र-पत्रिकाओं में निरंतर लेखन और टीवी चैनलों पर होने वाली चर्चाओं में नियमित भागीदारी।