PROF. TRIBHUWANNATH SHUKLA

प्रो. त्रिभुवननाथ शुक्ल का जन्म 13 जुलाई, 1953, ग्राम मध्पू का पुरा, पो. बराव, तहसील करछना, जिला इलाहाबाद (उ.प्र.) में हुआ। इनकी प्रकाशित पुस्तकें हैं - रामचरितमानस के शब्दों का अर्थतात्विक अध्ययन, अवधी का स्वनिमिक अध्ययन, मध्यकालीन कविता का पाठ, भाषिक औदात्य, विद्यापति, अनुबन्ध, रंगसप्तक, अवधी साहित्य की भूमिका, अवधी साहित्य के आधार स्तम्भ, अवधी साहित्य का आलोचनात्मक इतिहास, हिन्दी भाषा का आधुनिकीकरण एवं मानकीकरण, हिन्दी कम्प्यूटिंग, हेमचन्द शब्दानुशासन, समीक्षक आचार्य नन्ददुलारे वाजपेयी, भारतीय बाल साहित्य की भूमिका, साहित्यशास्त्र के सौ वर्ष, कालिदास पर्याय कोश (दो खंड), हिन्दी भाषा संरचना, इंग्लिश लेंग्वेज एंड इंडियन कल्चर, उद्यमिता विकास, हिन्दी भाषा और विज्ञान बोध (द्वि.सं.), पर्यावरणीय अध्ययन, इंग्लिश लेंग्वेज एंड साइंटिफिक टेम्पर, भाषा कौशल एवं व्यक्तित्व विकास, प्रयोजनमूलक हिन्दी, साहित्य का भोपाल सन्देश, साहित्य के शाश्वत प्रतिमान। प्रो. त्रिभुवननाथ शुक्ल ने बुन्देली साहित्य का इतिहास, बघेली साहित्य का इतिहास, साहित्य के प्रतिमान का सम्पादन किया है। वर्तमान समय में - निदेशक, साहित्य अकादेमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद्, मुल्ला रमूजी संस्कृति भवन, बाणगंगा रोड, भोपाल।

PROF. TRIBHUWANNATH SHUKLA