KUMAR SHIV

चम्बल नदी के तट पर बसे कोटा नगर में 11 अक्टूबर 1946 को जन्म। 1967 में शिव कुमार शर्मा एडवोकेट के रूप में वकालत प्रारम्भ की। साथ ही साथ एम.ए. (हिन्दी) की कक्षा में प्रवेश लिया। इन्हीं दिनों एक सहपाठी ने कुमार शिव नाम से सम्बोधित किया और यही नाम साहित्यिक क्षेत्र में सुपरिचित होता चला गया। डॉ. धर्मवीर भारती ने 'धर्मयुग' में कई गीत प्रकाशित किये। डॉ. शम्भुनाथ सिंह ने 'नवगीत दशक-2Ó में प्रथम गीत-कवि के रूप में सम्मिलित किया। निम्न चार काव्य संग्रह प्रकाशित हुए— शंख-रेत के चेहरे (गीत) पंख धूप के (ग़ज़लें व दोहे) हिलते हाथ दरख़्तों के (ग़ज़लें) आईना ज़मीर का देखा (ग़ज़लें) 6 अप्रैल 1996 को राजस्थान उच्च न्यायालय में न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। कुमार शिव नाम पृष्ठभूमि में चला गया और नया नाम 'जस्टिस शिव कुमार शर्मा' प्रचलन में आ गया। 10 अक्टूबर 2008 को सेवानिवृत्त होकर सुप्रीम कोर्ट में सीनियर एडवोकेट के रूप में नामांकित हुए। फिर 19वें भारतीय विधि आयोग के सदस्य बने।

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