Vimaleshwari Singh

श्रीमती विमलेश्वरी सिंह प्रचलित नाम आइवी (IVY) का जन्म एक नागवंशी परिवार में हुआ। 16 वर्ष की अवस्था तक रांतू गढ़ में रहकर नागवंशी संस्कृति के बीच बढ़ने-पलने का अवसर मिला, फलस्वरूप नागवंशियों के रीति-रिवाज को बारीकी से देखने का अवसर मिला। वह समय उनके पितामह महाराज प्रताप उदय नाथ शाह देव का समय था जो नागवंशी संस्कृति एवं भाषा के संपोषक थे। तदुपरान्त रांची विमेंस कॉलेज में हिन्दी तथा मनोविज्ञान में स्नातक (बी.ए.) एवं मगध विश्वविद्यालय से हिन्दी में स्नातकोत्तर (एम.ए.) किया। प्रस्तुत रचना पीएच.डी. के लिए शोध प्रबन्ध के रूप में लिखी गयी है। उन्होंने हिन्दी तथा अंग्रेजी के अतिरिक्त बांग्ला एवं उड़िया साहित्य का भी अध्ययन किया है। भारत के विभिन्न प्रदेशों के अतिरिक्त विदेश भ्रमण किया है। इंग्लैंड, फ्रांस, जर्मनी, अरब देश, अमेरिका, कनाडा, थाईलैण्ड आदि देशों का भ्रमण किया है। जहाँ भी गयी वहाँ की संस्कृति का अध्ययन करने की जिज्ञासा रही। लोक-साहित्य और लोकगीतों के संकलन में शुरू से ही अभिरुचि रही है। सम्प्रति इनकी दो पुस्तकें ‘डॉ. कुमार सुरेश सिंह एक संस्मरण’ तथा ‘छोटानागपुर के लोकगीतों का संकलन’ प्रकाशन की प्रतीक्षा में हैं। इनके कई लेख पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहे हैं।

Vimaleshwari Singh