Radhamohan Mahapatra Hindi Translated by Dr. Shankarlal Purohit

राधामोहन महापात्र अवसरप्राप्त वरिष्ठ प्रशासक जन्म : 3 फरवरी 1944 शिक्षा : एम.ए. यद्यपि मुलाजमत करना उनकी जीविका हुआ करती थी, फिर भी जंगल उनका जीवन था। युवावस्था से ही उन्होंने ओडिशा के अनेक दुर्गम इलाकों का भ्रमण किया और एक प्रकृति-प्रेमी वनचारी के रूप में सुपरिचित हैं। वक़्त करवट ले चुका है। परिवर्तन के स्वर हृदय के द्वार खटखटाता है, स्याही और कलम बन जाते हैं मित्र। वे लिख चुके हैं चौदह उपन्यास और तीन कहानी संकलन के स्रष्टा हैं। साहित्य अकादेमी और बहु मानपत्र तथा कई प्रतिष्ठानों की ओर से सम्मानित व पुरस्कृत भी हुए हैं। प्रकृति के एकनिष्ठ उपासक जीवदया वन्यप्राणी तथा वृक्ष संरक्षण जैसी कई संस्थाओं में सक्रिय समद्रष्टा हैं। लेखनी के साथ वन्य प्राणियों के संरक्षण हेतु उत्सर्गीकृत हैं; सबके सम्माननीय श्री राधामोहन।

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