RAHUL SANSKRITYAYAN

मूल नाम : केदारनाथ पांडे जन्म : 9 अप्रैल 1893, पन्दहा, आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश) भाषा : हिन्दी विधाएँ : यात्रा वृत्तांत, कहानी, उपन्यास, आत्मकथा, जीवन मुख्य कृतियाँ कहानी संग्रह : सतमी के बच्चे, वोल्गा से गंगा, बहुरंगी मधुपुरी, कनैला की कथा उपन्यास : बाईसवीं सदी, जीने के लिए, सिंह सेनापति, जय यौधेय, भागो नहीं दुनिया को बदलो, मधुर स्वप्न, राजस्थान निवास, विस्मृत यात्री, दिवोदास आत्मकथा : मेरी जीवन यात्रा जीवनी : सरदार पृथ्वीसिंह, नए भारत के नए नेता, बचपन की स्मृतियाँ, अतीत से वर्तमान, स्तालिन, लेनिन, कार्ल मार्क्स, माओ-त्से-तुंग, घुमक्कड़ स्वामी, मेरे असहयोग के साथी, जिनका मैं कृतज्ञ, वीर चंद्रसिंह गढ़वाली, सिंहल घुमक्कड़ जयवर्धन, कप्तान लाल, सिंहल के वीर पुरुष, महामानव बुद्ध यात्रा साहित्य : लंका, जापान, इरान, किन्नर देश की ओर, चीन में क्या देखा, मेरी लद्दाख यात्रा, मेरी तिब्बत यात्रा, तिब्बत में सवा वर्ष, रूस में पच्चीस मास, घुमक्कड़-शास्त्र सम्मान साहित्य अकादमी पुरस्कार, पद्म भूषण, त्रिपिटिकाचार्य निधन 14 अप्रैल 1963, दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल)

RAHUL SANSKRITYAYAN