दी सागा ऑफ़ रिकशा   

Format:Hard Bound

ISBN:81-8143-411-0

लेखक:राजेन्द्र रवि

Pages:235

मूल्य:रु325/-

Stock:In Stock

Rs.325/-

Details

Rickshaw does not look up to any government or private aid yet raises a tangible support system for the poor and semi-literate population of the first generation migrants in towns and cities of India. Although, it can't assure modernised life-chances for those who do not know how to navigate through the complexities of urban jungles, but it does promise up to some extent a dignified and independent living for so many and even helps in shrugging off unemployment, starvation, crime and dejection. On the global level rickshaw acts as a local antidote for the relentless exploitation of energy resources. Claiming a decent and respectable place for the rickshaw in the modern life-structures would be a definite step towards saving our planet from the cataclysmic depletion of energy.

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About the writer

ED : RAJENDRA RAVI

ED : RAJENDRA RAVI जन्म : 2 जनवरी 1957 को बिहार के गया शहर में। शिक्षाः 1977 में मगध विश्वविद्यालय, बोधगया, बिहार से कला स्नातक। कार्यक्षेत्र: विद्यार्थी जीवन से लेकर आज तक विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक संगठनों के कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय। इस क्रम में ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, छात्र युवा संघर्ष वाहिनी, संपूर्ण क्रांति राजेन्द्र रवि मंच, प्रमंच, प्रवासी जन मंच इत्यादि संगठनों से जुड़े। फिलहाल जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय, विश्व सामाजिक मंच और लोकायन से संबद्ध। संपादन : परिवहन पर कार्य करते हुए हिंदी और अंग्रेजी में अनेक पुस्तक और पुस्तिकाओं का - संपादन किया है। पस्तकें : 1. गरीब हैं गुलाम नहीं 2. रिक्शा जिंदगी है यारो 3. रिक्शा : एक महागाथा (हिंदी अकादमी, दिल्ली द्वारा पुरस्कृत) 4. ट्रैफिक की समझ 5. बेहतर यातायात के लिए सड़क डिजाइन : दिल्ली का साइकिल मास्टर प्लान। 6. Poor But Not Subservient 7. Transporting People 8. The User Denied 9. Maikhum : The Mask of Courage 10. The Saga of Rickshaw. पुस्तिकाएं : प्रधानमंत्री का खत 2. प्रधानमंत्री की घोषणा 3. सड़क पर हक हमारा (इस सीरिज में तीन पस्तिकाएं) 4. लोकतांत्रिक आकांक्षा, रोजगार और साइकिल रिक्शा 5. ईंधन संकट परिवहन व्यवस्था और साइकिल रिक्शा 6. पर्यावरण परिवहन और अर्थतंत्र। संकलन (Dossier) : साइकिल रिक्शा (इस सीरिज में छह संकलन) फिल्म : 'द पैडल सोल्जर्स ऑफ इंडिया' का निर्माण। (यह फिल्म सेंटर फॉर सिविल सोसाइटी. दिल्ली द्वारा 'जीविका 2004' पुरस्कार से सम्मानित)

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