बौद्धिक सम्पदा संरक्षण और टिकाऊ विकास

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ISBN:978-81-8143-767-9

लेखक:राजेन्द्र रवि

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मूल्य:रु350/-

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सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनोन्मुख बुद्धिजीवियों और समतामूलक समाज की रचना में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए बेहद उपयोगी इस पुस्तक में बौद्धिक सम्पदा संरक्षण और टिकाऊ विकास की अवधारणा के भूमंडलीय कानूनी पहलुओं पर रोशनी डाली गई है। बौद्धिक सम्पदा संरक्षण एक ऐसा विषय है जिस पर साहित्य का लगभग अभाव ही है, बावजूद इसके कि यह प्रश्न हमारे रोजमर्रा के जीवन को प्रभावित करने की स्थिति में आ चुका है। भूमंडलीकरण की दौड़ में पूरी तरह शामिल भारत ही नहीं अन्य विकासशील देशों की सरकारों ने भी महसूस कर लिया है कि बौद्धिक सम्पदा अधिकार अंगीकार करने के बावजूद उन्हें कुछ विशेष उपाय अपनाने होंगे ताकि उनके जैसे नव-स्वाधीन देशों के हितों की रक्षा की जा सके। विकासशील देशों का हित इसी में है कि वे टिकाऊ विकास की अवधारणा की रोशनी में बौद्धिक सम्पदा अधिकारों को देखें। ट्रिप्स समझौते के कारण हुए बौद्धिक अधिकारों के अंतर्राष्ट्रीयकरण की तेज प्रक्रिया ने भी विकासशील देशों को इन अधिकारों के प्रति जागरूक किया है। ट्रिप्स द्वारा आरोपित न्यूनतम मानकों के कारण अलग-अलग जरूरतों का सवाल सामने आ गया है। इसके कारण बौद्धिक सम्पदा अधिकारों से संबंधित विमर्श में एक नया आयाम पैदा हो गया है जिसके विश्लेषण की जरूरत से कोई इनकार नहीं कर सकता।

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About the writer

ED : RAJENDRA RAVI

ED : RAJENDRA RAVI जन्म : 2 जनवरी 1957 को बिहार के गया शहर में। शिक्षाः 1977 में मगध विश्वविद्यालय, बोधगया, बिहार से कला स्नातक। कार्यक्षेत्र: विद्यार्थी जीवन से लेकर आज तक विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक संगठनों के कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय। इस क्रम में ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, छात्र युवा संघर्ष वाहिनी, संपूर्ण क्रांति राजेन्द्र रवि मंच, प्रमंच, प्रवासी जन मंच इत्यादि संगठनों से जुड़े। फिलहाल जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय, विश्व सामाजिक मंच और लोकायन से संबद्ध। संपादन : परिवहन पर कार्य करते हुए हिंदी और अंग्रेजी में अनेक पुस्तक और पुस्तिकाओं का - संपादन किया है। पस्तकें : 1. गरीब हैं गुलाम नहीं 2. रिक्शा जिंदगी है यारो 3. रिक्शा : एक महागाथा (हिंदी अकादमी, दिल्ली द्वारा पुरस्कृत) 4. ट्रैफिक की समझ 5. बेहतर यातायात के लिए सड़क डिजाइन : दिल्ली का साइकिल मास्टर प्लान। 6. Poor But Not Subservient 7. Transporting People 8. The User Denied 9. Maikhum : The Mask of Courage 10. The Saga of Rickshaw. पुस्तिकाएं : प्रधानमंत्री का खत 2. प्रधानमंत्री की घोषणा 3. सड़क पर हक हमारा (इस सीरिज में तीन पस्तिकाएं) 4. लोकतांत्रिक आकांक्षा, रोजगार और साइकिल रिक्शा 5. ईंधन संकट परिवहन व्यवस्था और साइकिल रिक्शा 6. पर्यावरण परिवहन और अर्थतंत्र। संकलन (Dossier) : साइकिल रिक्शा (इस सीरिज में छह संकलन) फिल्म : 'द पैडल सोल्जर्स ऑफ इंडिया' का निर्माण। (यह फिल्म सेंटर फॉर सिविल सोसाइटी. दिल्ली द्वारा 'जीविका 2004' पुरस्कार से सम्मानित)

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