कथा-मंजरी

Format:Paper Back

ISBN:81-88599-79-4

लेखक:डॉ. रामदरश मिश्र

Pages:140


मूल्य : रु. 60/-

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DR. RAMDARASH MISHRA

DR. RAMDARASH MISHRA रामदरश मिश्र जन्म : 15 अगस्त, 1924 को गोरखपुर ज़िले के डुमरी गाँव में। काव्य : पथ के गीत, बैरंग-बेनाम चिट्ठियाँ, पक गई है धूप, कन्धे पर सूरज, दिन एक नदी बन गया, मेरे प्रिय गीत, बाज़ार को निकले हैं लोग, जुलूस कहाँ जा रहा है?, रामदरश मिश्र की प्रतिनिधि कविताएँ, आग कुछ नहीं बोलती, शब्द सेतु, बारिश में भीगते बच्चे, हँसी ओठ पर आँखें नम हैं (ग़ज़ल), ऐसे में जब कभी, आम के पत्ते, तू ही बता ऐ ज़िन्दगी, हवाएँ साथ हैं, कभी-कभी इन दिनों, धूप के टुकड़े, आग की हँसी। उपन्यास : पानी के प्राचीर, जल टूटता हुआ, सूखता हुआ तालाब, अपने लोग, रात का सफ़र, आकाश की छत, आदिम राग, बिना दरवाज़े का मकान, दूसरा घर, थकी हुई सुबह, बीस बरस, परिवार, बचपन भास्कर का। कहानी संग्रह : खाली घर, एक वह, दिनचर्या, सर्पदंश, बसन्त का एक दिन, इकसठ कहानियाँ, मेरी प्रिय कहानियाँ, अपने लिए, चर्चित कहानियाँ, श्रेष्ठ आंचलिक कहानियाँ, आज का दिन भी, एक कहानी लगातार, फिर कब आयेंगे?, अकेला मकान, विदूषक, दिन के साथ, मेरी कथा-यात्रा। ललित निबन्ध : कितने बजे हैं, बबूल और कैक्टस, घर परिवेश, छोटे-छोटे सुख। आत्मकथा : सहचर है समय,फ़ुरसत के दिन। यात्रावृत्त : घर से घर तक देश यात्रा। डायरी : आते-जाते दिन, आस-पास, बाहर-भीतर। समीक्षा : 11 पुस्तकें। रचनावली : 14 खंडों में।

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