अनामिका का काव्य : आधुनिक स्त्री-विमर्श

Format:Hard Bound

ISBN:978-93-5072-912-0

लेखक:अलेक्सांद्र फेदयेव

Pages:218

मूल्य:रु495/-

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अनामिका का काव्य : आधुनिक स्त्री-विमर्श

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अनामिका हिन्दी की ऐसी पहली महिला कवि हैं, जिन्होंने अन्तर्वस्तु से आगे बढ़कर भाषा, शिल्प, सौन्दर्य और आस्वाद के स्तर पर कविता को एक नया धरातल दिया है। स्त्री का अपना धरातल। इसके लिए उन्हें लम्बा संघर्ष करना पड़ा क्योंकि, अन्तर्वस्तु में बदलाव तो आसान होता है मगर सौन्दर्य-बोध और आस्वाद को बदलना बहुत कठिन और उसे स्वीकृति दिलाना भी कठिन। अनामिका अपनी कविताओं में, बीच-बीच में शब्दों से खेलती हैं, वे गपशप की शैली अपनाती हैं और दादी की कहानियों की तरह भूमिका बाँधती नज़र आती हैं। यह बतकही की अपनी स्त्री-शैली है जिसके सौन्दर्य को पुरुषों के प्रतिमान पर नहीं आंका जा सकता। इसके लिए स्त्रियों के जीवन और कहन-शैली को परखना होगा तभी इस स्त्री के भाषा की खूबसूरती समझ में आएगी। उनकी एक कविता में जेठ की दुपहरी का चित्र है... बस एक चित्र है। मगर इसकी विशेषता यह है कि सभी बिम्ब, सारे उपमान स्त्री के सक्रिय जीवन से लिये गये हैं। बच्चों की चानी पर तेल स्त्रियाँ ही थोपती हैं और मनिहारिने ही घर के अन्दर जा कर गृहिणियों तक ज़रूरी सामान, ख़ासकर सौन्दर्य प्रसाधन बेचती हैं। यह हिन्दी कविता का नया लोक है। इसका आस्वादन या पाठ स्त्री जीवन के पाठ के साथ ही सम्भव है। गौरतलब है कि अनामिका भाषा, शिल्प और काव्यसौन्दर्य के स्तर पर ही नहीं, अन्तर्वस्तु और अनुभूति के स्तर पर भी नयी चुनौतियाँ पेश करती हैं। ‘यौन-दासी' एक भयावह यथार्थ से परिचित कराती है तो ‘एक औरत का पहला राजकीय प्रवास' अनुभूति के उस स्तर पर जा कर लिखी गयी है, जहाँ तक किसी पुरुष के लिए पहुँचना सम्भव ही नहीं है। हम उससे सहमत या असहमत हो सकते हैं, मगर दोनों ही स्थितियों में उसे महसूस नहीं कर सकते। इस तरह अन्तर्वस्तु, संवेदना और सौन्दर्य-तीनों ही स्तर पर उनकी कविता नयी चुनौतियाँ पेश करती है। मदन कश्यप

About the writer

MANJU RUSTAGI

MANJU RUSTAGI जन्म : 22, दिसम्बर, 1961 शिक्षा : एम.ए. (दिल्ली विश्वविद्यालय ), एम.फिल., पीएच . डी.( दक्षिण हिन्दी प्रचार सभा) पत्रकारिता में डिप्लोमा सम्प्रति : विभागाध्यक्ष वलियाम्मल कॉलेज फॉर वीमेन अन्नानगर ईस्ट, चेन्नई -600102 सचिव : तमिलनाडु हिन्दी साहित्य अकादमी सहसम्पादक : तमिलनाडु साहित्य बुलेटिन (शोध पत्रिका)

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