नज़्में इन्तजार की

Format:Paper Back

ISBN:978-93-5229-364-3

लेखक:स्मिता परिख

Pages:140

मूल्य:रु125/-

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SMITA PARIKH

SMITA PARIKH स्मिता परिख आकाशवाणी में उद्घोषिका, अभिनेत्राी, और मइप्र्र एंटरटेनमेंट की मुख्य प्रबन्धक स्मिता परिख ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा मध्य प्रदेश के इन्दौर शहर में की, कॉमर्स में स्नातकोत्तर की डिग्री राजस्थान के उदयपुर शहर में हासिल की। बचपन से ही कविताएँ और कहानियाँ लिखने की शौकीन स्मिता को कक्षा 11 वीं में मात्रा 15 वर्ष की उम्र में राजस्थान साहित्य अकादेमी से कहानी लेखन के लिए युवा साहित्यकार पुरस्कार प्राप्त हुआ, उसी साल महाराणा मेवाड़ फाउंडेशन से कविता लेखन के लिए, पुरस्कार प्रदान किया गया। आकाशवाणी उदयपुर और फिर आकाशवाणी मुम्बई से जुड़ाव रहा और स्मिता ने एफएम चैनल पर कई सफल कार्यक्रमों का संचालन किया, ‘अपने मेरे अपने’ और ‘जाएँ कहाँ’ जैसे प्रसिद्ध टेलीविजश्न कार्यक्रमों में मुख्य भूमिकाएँ निभायीं। दूरदर्शन के नैशनल चैनल पर कई सफल कार्यक्रमों जैसेµ‘बायस्कोप’, ‘सिने सतरंगी’, ‘डीडी टॉप 10’ का संचालन किया। संगीत जगत के सभी दिग्गजों के साथ विश्व भर में भ्रमण किया और संचालन किया। मुम्बई में इनकी मइप्र्र एंटरटेनमेंट के नाम से एक कम्पनी है जो देश-विदेश में इवेंट्स करती है। मुम्बई का प्रसिद्ध साहित्यिक सम्मेलनµलिट्-ओ- फष्ेस्ट मुम्बईµका सम्पूर्ण निर्देशन स्मिता करती हैं। ये इस महोत्सव की प्रबन्धक हैं। देश भर से इस सम्मेलन में नामी साहित्यकार हिस्सा लेते हैं। हिन्दी भाषा को अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर लाने का ये एक अभियान है। ‘मैं पन्थ निहारूँ...’ स्मिता का पहला कविता संग्रह है जो 2014 में प्रकाशित हुआ। ‘नज्श्में इन्तजशर कीं...’ उन चुनी हुई नज्श्मों का संकलन है... जिनमें प्रेम, शृंगार, इन्तजशर की सम्मिलित भावनाएँ देखी जा सकती हैं। स्मिता परिख ने हमेशा प्रेम की विभिन्न भावनाओं पर लिखा है, ये नज्श्मों की किताब उसका एक अनूठा उदाहरण है...

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