पानी का दुखड़ा

Format:Paper Back

ISBN:978-93-87024-27-4

लेखक:विमल कुमार

Pages:136

मूल्य:रु70/-

Stock:In Stock

Rs.70/-

Details

पानी का दुखड़ा

Additional Information

स्वप्न, फंतासी और कथात्मकता के ताने-बाने से काव्य सृजन के लिए चर्चित विमल कुमार समकालीन हिन्दी कविता के उन कवियों में से हैं जो संवेदना, द्वन्द्वात्मकता, उन्मुक्तता, पारदर्शिता, अन्तर्दृष्टि और विनम्र प्रतिबद्धता के जरिए समाज और व्यक्ति मन को विश्लेषित और परिभाषित करते हैं। उनकी कविताएँ यांत्रिक एवं शुष्क यथार्थवाद और 'विलक्षणतावाद' तथा 'बौद्धिक प्रदर्शनवाद' से परे हमारे समाज के तमाम अन्तर्विरोधों की पड़ताल करती है और भूमंडलीकरण तथा बाज़ार के युग में जटिल होते यथार्थ की बहुस्तरीयता को अनावृत्त करती हैं। उनकी कविताएँ अयोध्या प्रसंग, गुजरात प्रसंग के जरिए फासीवाद की क्रूरता को रेखांकित करती हैं, साथ ही प्रेम, मानवीय रिश्ते, गहरी रागात्मकता, कल्पनाशीलता के क्षरण को भी दर्ज करती हैं और सांस्कृतिक संकट को भी दर्शाती हैं। वह आज की राजनीति, विचारधारा और मनुष्य की नियति को लेकर प्रश्न भी खड़े करती है और हर तरह से ‘सत्ता विमर्श' को भी एक्सपोज करने की कोशिश करती है।

About the writer

VIMAL KUMAR

VIMAL KUMAR 9 दिसम्बर 1960 को बिहार की राजधानी पटना में जन्म विमल कुमार की शिक्षा-दीक्षा मिलर। हाईस्कूल, ए.एन, कॉलेज (पटना) तथा राँची कॉलेज, राँची एवं दिल्ली विश्वविद्यालय में हुई। इतिहास और राजनीति शास्त्र के छात्र रहे विमल ने 1990 के आस-पास अपनी पहचान बनायी। वह कविता के अलावा कहानियाँ, व्यंग्य और पत्रकारिता लेखन भी करते रहे हैं। ‘सपने में एक औरत से बातचीत' कविता के लिए 1986 में भारत भूषण अग्रवाल पुस्कार से सम्मानित विमल कुमार का दूसरा काव्य संग्रह 2002 में 'यह मुखौटा किसका है' नाम से छपा। पेंगुइन से 2007 में प्रकाशित ‘चोर पुराण' उनकी चर्चित कृति है जिस पर नुक्कड़ एवं मंचीय नाटक के कई शो हो चुके हैं। ‘सत्ता, समाज और बाजार' पुस्तक में उन्होंने अखबारों के माध्यम से राजनीति, समाज और संस्कृति से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए है। हिन्दी समाचार एजेंसी में दो दशक से कार्यरत विमल संसदीय रिपोर्टिंग के अलावा सामाजिक और सांस्कृतिक रिपोर्टिंग भी करते रहे हैं। उनकी रचनाओं में | अंग्रेजी तथा विभिन्न भारतीय भाषाओं में अनुवाद हो चुके हैं।

Customer Reviews

No review available. Add your review. You can be the first.

Write Your Own Review

How do you rate this product? *

           
Price
Value
Quality