रात-पाली

Format:Hard Bound

ISBN:978-93-5229-418-3

लेखक:विजय कुमार

Pages:120

मूल्य:रु150/-

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VIJAY KUMAR

VIJAY KUMAR विजय कुमार जन्म : 11 नवम्बर, 1948, मुम्बई तीन कविता संग्रह 'अदृश्य हो जायेंगी सूखी पत्तियाँ। '(1981), 'चाहे जिस शक्ल से' (1995) तथा 'रात पाली' (2006) प्रकाशित। आलोचना की दो पुस्तकें 'साठोत्तरी हिन्दी कविता की परिवर्तित दिशाएँ', '(1986) और 'कविता की संगत' (1996), बीसवीं सदी। 'के युद्धोत्तर यूरोपीय विचारकों पर एक पुस्तक 'अँधेरे 'समय में विचार' (2006) तथा बीसवीं सदी के विश्व-प्रसिद्ध कवियों पर पुस्तक 'खिड़की के पास कवि'। '(2012) प्रकाशित। आलोचक मलयज के कृतित्व पर साहित्य अकादेमी द्वारा एक मोनोग्राफ़ प्रकाशित। कविताएँ, लेख इत्यादि हिन्दी की सभी महत्त्वपूर्ण पत्र-पत्रिकाओं में छपे हैं। देश-विदेश के दर्जनों महत्त्वपूर्ण कवियों और विचारकों पर लेख एवं उनकी रचनाओं के अनुवाद प्रकाशित। हिन्दी पत्रिका 'पहल' के लिए पाकिस्तानी शायर अफ़ज़ाल अहमद, समकालीन अफ्रीकी साहित्य, वाल्टर बेंजामिन तथा। एडवर्ड सईद पर विशेष अंकों का संयोजन 'उद्भावना'। पत्रिका के बहुचर्चित कविता विशेषांक ‘सदी के अन्त में। कविता' (1998) के अतिथि सम्पादक। कविताओं व लेखों का अंग्रेजी, मराठी, बांग्ला, कन्नड़, मलयालम, पंजाबी, गुजराती, उर्दु आदि भाषाओं में अनुवाद । कविता के लिए 'शमशेर सम्मान' (1996), आलोचना के लिए 'देवीशंकर अवस्थी सम्मान' (1997), प्रियदर्शिनी अकादेमी सम्मान (2008), महाराष्ट्र हिन्दी। अकादेमी का अनंत गोपाल शेवड़े सम्मान (2012)। स्थायी पता : ए 302, महावीर रचना, सेक्टर 15. सीबीडी बेलापुर, नवी मुम्बई-100614 मोबाइल: 09820370825 ई-मेल : vijay1948ster@gmail.com |

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