अवध संस्कृति विश्वकोश - 2

Format:Hard Bound

ISBN:978-93-5229-582-1

लेखक:

Pages:258

मूल्य:रु795/-

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अवध संस्कृति विश्वकोश - 2

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हिन्दी भाषा और साहित्य के इतिहास में अवध का महत्वपूर्ण स्थान है। विद्वानों ने इसे 'मध्य देश' कहा है। लन्दन विश्वविद्यालय के हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. रुपर्ट स्नेल ने किसी प्रसंग में ठीक ही कहा था कि काशी विद्या की नगरी है, किन्तु वहाँ लिखी-बोली जा रही खड़ीबोली हिन्दी पर जनपदीय बोलियों का बड़ा प्रभाव है। दिल्ली केन्द्रीय महानगर है, परन्तु वहाँ की हिन्दी पंजाबीपन से प्रेरित है। मानक हिन्दी का रूप तो गंगा-यमुना के मैदान अर्थात् अन्तर्वेद में प्राप्त होता है। यही कारण है कि हिन्दी के मानकीकरण का आन्दोलन आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के माध्यम से यहीं से शुरू हुआ। यह उल्लेखनीय है कि द्विवेदी जी बैसवारा के निवासी थे और 'सरस्वती' पत्रिका इलाहाबाद से प्रकाशित होती थी। इस क्षेत्र के साहित्यकारों ने रचनात्मक क्षेत्र में सदैव अपनी अग्रणी भूमिका निभायी है। मुल्ला दाऊद ने 'चन्दायन' महाकाव्य लिखकर सूफी काव्य धारा का प्रवर्तन किया। उसे जायसी ने पदमावत द्वारा शिखर पर पहुंचा दिया। तात्पर्य यह कि सूफी काव्य और महाकाव्य इसी क्षेत्र के प्रयोग हैं। सरहपाद के 'दूहाकोश', गोरखनाथ की 'सबदी' और विद्यापति की अवहट्ट भाषा में अवधी का गहरा पट है, जिससे यह सिद्ध होता है कि हिन्दी जगत की सबसे पुरानी काव्य भाषा है अवधी। गोस्वामी जी ने 'रामचरितमानस' जैसा महाकाव्य रचकर इसे विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित कर दिया। 'मानस' की परम्परा में। यहाँ दर्जनों रामकाव्य रचे गये हैं, जो हिन्दी की अमूल्य निधि हैं।

About the writer

DR.SURYA PRASAD DIXIT

DR.SURYA PRASAD DIXIT डॉ. सूर्यप्रसाद दीक्षित जन्म: 06 जुलाई, 1938, बन्नावाँ, रायबरेली (उत्तर प्रदेश) प्रोफेसर तथा पूर्व अध्यक्ष, हिन्दी विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय संस्थापक अध्यक्ष: पत्राकारिता एवं जनसंचार विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय। अतिथि प्रोफेसर, लखनऊ, इलाहाबाद, सागर, बड़ौदा, उज्जैन, गोवा, कोचीन, वर्धा, दिल्ली विश्वविद्यालय शोध: (1) ‘छायावादी गद्य’ (पीएच.डी.), (2) ‘व्यावहारिक सौन्दर्यशास्त्रा’ (डी.लिट्.) सम्पादन: ‘उत्कर्ष’, ‘उद्भव’, ‘अवधी’, ‘ज्ञानशिखा’, ‘शोध’, ‘कुलसन्देश’, ‘साहित्य भारती’, ‘संचारश्री, ‘चाणक्य’, ‘प्रभास’, ‘खोज’ स्नेहोपहार: ‘उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान’ से ‘साहित्य भूषण’ सम्मान, 1998; ‘दीनदयाल उपाध्याय सम्मान’, उ.प्र., 2002; हिन्दी साहित्य सम्मेलन से ‘साहित्य वाचस्पति’ उपाधि 1999; इण्टरनेशनल सेण्टर, कैम्ब्रिज से ‘इण्टरनेशनल मैन ऑफ दी इयर’ 1998 से 2013; ‘अमेरिकन इंस्टीट्यूट’ से ‘डिसटिंगिस्ट परसनालिटी ऑफ दी वर्ड’ 1998 से 2013 सम्पर्क: ‘साहित्यिकी’ डी-54, निरालानगर, लखनऊ-226020 मोबाइल: 09451123525 ई-मेल: suryadixit123@gmail.com

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