VIJAY KI PRATIKSHA

Format:Hard Bound

ISBN:978-81-8143-005-2

Author:Buddhdev Bhattacharya Translated By Ram Aahlad Choudhary

Pages:164


MRP : Rs. 195/-

Stock:In Stock

Rs. 195/-

Details

विजय की प्रतीक्षा

Additional Information

पाँच नाटक : बुद्धदेव भट्टाचार्य समाज के सभी वर्गों की एक ही मंच पर उपस्थिति केवल नाटक के शिल्प में सम्भव है। इसीलिए काव्यशास्त्र इसे सर्वाधिक सामाजिक विधा मानता है। इस साहित्य विधा के वैशिष्ट्य को बुद्धदेव भट्टाचार्य ने बख़ूबी पहचाना है। हिन्दी पाठकों के बीच उनका पहला परिचय एक सहृदय कवि का रहा है। वे वामपंथी राजनीति के महत्त्वपूर्ण नेता हैं। उनकी राजनीतिक प्रतिबद्धता उनके लेखन में देखी जा सकती है लेकिन आश्चर्यजनक रूप से यहाँ पार्टीबद्धता की जकड़बंदी सिरे से गायब है। बुद्धदेव भट्टाचार्य के यहाँ संकलित पाँच नाटक भी इस तथ्य का सशक्त प्रमाण प्रस्तुत करते हैं। आज़ादी के बाद, इतिहास का फैसला, राजधर्म, एक इन्सान की मौत तथा विजय की प्रतीक्षा-ऐसे सम्पूर्ण रंग नाटक हैं जिसके गद्य पर विशेषकर भाषिक धरातल पर एक सुकवि की छाप है। यह नाटक पठनीय होने के साथ-साथ असंदिग्ध रूप से रंगमंचीय भी हैं। नाटककार ने कम-से-कम पात्रों के माध्यम से दैनंदिन जीवन से ऐसी घटनाओं का चुनाव किया है कि पढ़ते हुए भी पाठक को पात्र और घटनाएँ अपनी आँखों के सामने प्रत्यक्ष दिखाई देते हैं। यह नाट्य रचनाएँ सोद्देश्य हैं। राजधर्म नाटक साम्राज्यवादी ताकतों के खिलाफ़ साधारण मानवों के अदम्य साहस और अटूट संघर्ष की गाथा कहता है। अक्षय, पंडित, संन्यासी जैसे चरित्र आज़ादी की कीमत को प्राणों से बढ़कर मानते हुए उसके लिए जीवन का बलिदान कर देते हैं। यहाँ आज़ादी बड़े मानवीय मूल्य में बदल जाती है। 'आज़ादी के बाद' नाटक राजधर्म से आगे की कथा कहता है। आज़ादी के वास्तविक अर्थ यहाँ उजागर किए गए हैं। 'विजय की प्रतीक्षा' नाटक पारिवारिक-सामाजिक द्वंद्वों की रचना है। आदर्शवादी तापस का कायांतरण-पद-प्रतिष्ठा और पैसे के लिए नैतिक पतन की नाटकीय त्रासदी को प्रस्तुत करता है। सुविधावादी ताक़त अर्जित करने वाले लोग किस प्रकार सिद्धांत हो जाते हैं; यह नाटक प्रदर्शित करता है 'इतिहास का फैसला'। बर्लिन की दीवार के बहाने फासीवादी मानवता-विरोधी निकायों के असली चेहरे को उभारता है। एक ही जिल्द में यह पाँच नाट्य रचनाएँ हिंदी रंग जगत् में भी अवश्य ही पसंद की जाएँगी।

About the writer

Buddhdev Bhattacharya Translated By Ram Aahlad Choudhary

Buddhdev Bhattacharya Translated By Ram Aahlad Choudhary बुद्धदेव भट्टाचार्य जन्म : 1944 जन्म स्थान : कोलकाता उपलब्धिः 1966 में सी.पी.आई. (एम) की सदस्यता मिली। 1971 में सी.पी.आई. (एम) की पश्चिम बंगाल राज्य कमेटी के सदस्य बने। 1977 में वाम मोर्चा सरकार के सूचना व संस्कृति मंत्री बने। 1985 में सी.पी.आई. (एम) की केन्द्रीय कमेटी के सदस्य निर्वाचित हुए। 1987 में वाममोर्चा सरकार के नगर पालिका और नगर विकास मंत्री बने। 2000 में उप-मुख्यमंत्री बने। और अब मुख्यमंत्री। प्रकाशित पुस्तकें : 1. मायवस्की और मार्क्स की रचनाओं का बांग्ला अनुवाद, 2. चेना फूलेर गंधो, 3. दिन जाय, रात जाय, 4. दो नाटक, 5. दुःसमय व अन्य नाटक अनुवादक परिचय - राम आहाद चौधरी जन्म : 1971 शिक्षा : एम.ए., पी-एच.डी. प्रकाशित पुस्तकें : 1. वैचारिक संकट और बुद्धिजीवी वर्ग, 2. दिन जाय, रात जाय, . राजनीति, धर्म और सांप्रदायिकता, 4. बेहतर वाममोर्चा सरकार : हमारी धारणा, 5. गुजरात नरसंहार : सभ्य समाज का कलंक प्रकाशित रचनाएँ : उद्भावना, पश्चिम बंगाल, जनसत्ता, सन्मार्ग सहित विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में बांग्ला से अनुवाद तथा साहित्यिक लेख सम्प्रति : प्राध्यापक, महाराणा श्रीश चंद कालेज, 20 रमाकांत बसु रोड, कोलकाता-700003

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