JAAY MILA TINAN SAJJANA

Format:Hard Bound

ISBN:978-93-5000-061-8

Author:DR. JASVINDER KAUR BINDRA

Pages:34


MRP : Rs. 150/-

Stock:In Stock

Rs. 150/-

Details

जाइ मिला तिनां सज्जणा

Additional Information

सूफ़ी काव्य परम्परा को मूलतः इस्लामी माना जाता है लेकिन पंजाबी में भी सूफ़ी काव्य का महत्त्वपूर्ण स्थान है। बाबा शेख़ फ़रीद को पंजाबी का पहले सूफ़ी कवि होने का गौरव प्राप्त है। फ़रीद साहब की लोकप्रियता का भेद इस बात में है कि उन्होंने कुलीन शासकों तथा 'अशराफ़' से अपना सम्बन्ध स्थापित करने के बजाय सर्वसाधारण से निकटता कायम की। उनकी साधारण जीवन शैली को देखते ही जनसाधारण को यह विश्वास हो जाता कि वे उनके ही आत्मीय हैं। कहा जाता है कि उनके प्रभावा से लाखों लोग मुसलमान बने। उनकी वाणी पर विहंगम दृष्टि डालने से ही पता चल जाता है कि उन्होंने न तो कभी इस्लाम की प्रशंसा की और न किसी अन्य धर्म का खंडन किया। जिन मूल्यों का उन्होंने प्रचार किया, वे मात्र इस्लामी मूल्य नहीं थे। वे तो सर्वकाल से सभी धर्मों द्वारा समान रूप से स्वीकृत रहे।

About the writer

DR. JASVINDER KAUR BINDRA

DR. JASVINDER KAUR BINDRA शिक्षा : एम.ए., पी-एच.डी. (दिल्ली विश्‍वविद्यालय, दिल्ली)। आलोचना : वारतककार गुरबख्श सिंह प्रीतलड़ी मनोविज्ञान अते पंजाबी कहानी, हिंदी-पंजाबी पत्र-पत्रिकाओं में अनेक समीक्षात्मक लेख व निबंध तथा विभिन्न पुस्तकें प्रकाशित। अनुवाद : बच्चों की अनेक पुस्तकों के साथ-साथ हिंदी-पंजाबी में करीब 35 पुस्तकों का अनुवाद। डॉ. धर्मवीर भारती, कमलेश्‍वर, प्रेमचंद, चित्रा मुद‍्गल सहित अनेक वरिष्‍ठ साहित्यिकों की कृतियों का अनुवाद ने.बु.ट्र., साहित्य अकादेमी, भारतीय ज्ञानपीठ, प्रभात प्रकाशन, वाणी प्रकाशन, पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला, आलेख प्रकाशन इत्यादि से प्रकाशित। अन्य मौलिक पुस्तकें : स्कूली शिक्षा के लिए अनेक पंजाबी रीडर्स (कक्षा एक से पाँचवीं तक), ‘एक पंथ दो काज’ (भारतीय प्रौढ़ शिक्षा संघ), ‘छुट्टी न भई न’ तथा ‘मिलकर खेलें’ (ने.बु.ट्र.) हिंदी में। सम्मान : पंजाबी अकादमी, दिल्ली से अनुवाद पुरस्कार (2006)।

Customer Reviews

No review available. Add your review. You can be the first.

Write Your Own Review

How do you rate this product? *

           
Price
Value
Quality