ANTRIKSH KI PRAYOG

Format:Hard Bound

ISBN:81-88600-14-8

Author:VIGYACHARY MAANVENDRA SINHA

Pages:96

MRP:Rs.150/-

Stock:In Stock

Rs.150/-

Details

यह पुस्तक अन्तरिक्ष अनुसन्धान तथा कम्प्यूटर विज्ञान आदि विज्ञान के आधुनिक अनुशासनों से संदर्भित है। ये आधुनिक विज्ञान की वे शाखाएँ हैं, जो न सिर्फ मानव जीवन का, बल्कि विश्व पटल पर राष्ट्रों के जीवन का भविष्य-निर्धारण आप कर रही हैं। एक समय था जब दियासलाई के आविष्कार को हमारी आँखें एक करिश्मे की तरह निहारती थीं और एक समय वह है जब पाँच-छह वर्ष के बच्चे कम्प्यूटर के साथ खेलते हैं। कभी अन्तरिक्ष की अवधारणा स्वर्ग और देवलोक के रूप में थी और उसको लेकर अनेक मिथकीय फंतासियाँ पुराणादिक प्राचीन ग्रन्थों से निकलकर हमारी तर्कणा शक्ति के आगे अड़ जाती थीं, लेकिन आज विज्ञान ने समूचे अन्तरिक्ष को मथ डाला है-उपग्रह, प्रक्षेपास्त्र आदि अन्तरिक्ष पथ से ही यात्रा करते हैं।

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VIGYACHARY MAANVENDRA SINHA

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