YAH SAMBHAV HAI

Format:Paper Back

ISBN:81-7055-659-7

Author:KIRAN BEDI

Pages:368


MRP : Rs. 225/-

Stock:In Stock

Rs. 225/-

Details

यह संभव है

Additional Information

प्रेरणा, लगन तथा अध्यवसाय दृढ़प्रतिज्ञ तथा समर्पित व्यक्तियों के विशेष गुण माने जाते हैं इसलिए वे महत्त्वपूर्ण काम कर जाते हैं। 'यह संभव है'-चाहे वह किसी की सोच बदल देने जैसा हैरतअंगेज काम ही क्यों न हो। भारत की राजधानी नई दिल्ली की तिहाड़ जेल विश्व की सबसे बड़ी जेलों में से एक है। 200 एकड़ से भी अधिक भू-भाग पर स्थित विशाल जेल परिसर में स्त्री-पुरुष, किशोर और बच्चे (देशी-विदेशी नागरिकों सहित) कुल मिलाकर लगभग 9700 कैदी हैं। इनमें गैरसजाप्राप्त आरोपी अभियुक्त, सजाप्राप्त मुल्जिम तथा विचाराधीन हवालाती शामिल हैं। तिहाड़ एक ऐसा 'नारकीय संस्थान था जो सूचना माध्यमों द्वारा निंद्य, समाज से अलग-थलग शोषित तथा बदनाम था।

About the writer

KIRAN BEDI

KIRAN BEDI डॉ॰ बेदी का जन्म सन् 1949 में पंजाब के अमृतसर शहर में हुआ। वे श्रीमती प्रेमलता तथा श्री प्रकाश लाल पेशावरिया की चार पुत्रियों में से दूसरी पुत्री हैं। उनके मानवीय एवं निडर दृष्टिकोण ने पुलिस कार्यप्रणाली एवं जेल सुधारों के लिए अनेक आधुनिक आयाम जुटाने में महत्वपूर्ण योगदान किया है। निःस्वार्थ कर्त्तव्यपरायणता के लिए उन्हें शौर्य पुरस्कार मिलने के अलावा अनेक कार्यों को सारी दुनिया में मान्यता मिली है जिसके परिणामस्वरूप एशिया का नोबल पुरस्कार कहा जाने वाला रमन मैगसेसे पुरस्कार से उन्हें नवाज़ा गया। उनको मिलने वाले अन्तर्राष्ट्रीय पुरस्कारों की श्रृंखला में शामिल हैं - जर्मन फाउंडेशन का जोसेफ ब्यूज पुरस्कार, नार्वे के संगठन इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ गुड टेम्पलर्स का ड्रग प्रिवेंशन एवं कंट्रोल के लिए दिया जाने वाला एशिया रीजन एवार्ड जून 2001 में प्राप्त अमेरिकी मॉरीसन-टॉम निटकॉक पुरस्कार तथा इटली का ‘वूमन ऑफ द इयर 2002’ पुरस्कार

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