MUKTI

Format:Hard Bound

ISBN:978-81-7055-741-8

Author:AKHILESH

Pages:128


MRP : Rs. 150/-

Stock:In Stock

Rs. 150/-

Details

मुक्ति

Additional Information

अखिलेश की कहानियों में चरित्र भी हैं। ये चरित्र कुछ कहानियों में एक हद तक कुछ धारणाओं के 'पझेनिफिकेशन' तो लग सकते हैं, लेकिन कहानी पढ़ते हुए वे धीरे-धीरे रोचकता और जीवन्तता से भर उठते हैं। 'बड़ी अम्मा' कहानी पढ़ते हुए गोर्की की 'मदर' की हल्की-सी याद आती है और कहानी का अन्त एक तरह से नियन्त्रित अन्त लगता है लेकिन अपने समूचे प्रभाव में यह कहानी इधर की दर्जनों चर्चित कहानियों से ज्यादा सशक्त कहानी सिद्ध होती है। इस संग्रह की कहानियों का उल्लेख एक और वजह से भी किया जाना चाहिए। अखिलेश की कहानियों में 'प्रेम' किसी रुग्ण मानसिक विलासिता या टटपुंजिया रोमांटिकता से भिन्न ठोस सामाजिक ज़मीन पर खड़ा हुआ एक वास्तविक मानवीय सामाजिक सम्बन्ध है। किसी मामूली क्लर्क के बेरोज़गार बेटे द्वारा एक बड़े इंजीनियर की बेटी से किया जाने वाला प्रेम अपने मार्मिक, हास्यास्पद और विडम्बनामूलक अन्त के लिए अभिशप्त है। यहाँ न तो प्रेम को लेकर किसी भोगवादी-आनन्दवादी 'चटखारिता' का गद्गद प्रस्तुतीकरण है, न एक मामूली औसत प्रेम का अपार गौरवान्वीकरण। अखिलेश की कहानियों में प्रेम नयी कहानी, अकहानी और प्रगतिवादी कहानी की रूढ़ धारणाओं से मुक्त है। यहाँ प्रेम उतना ही वास्तविक, आलोच्य और वर्गाश्रित है, जितनी कोई भी और चीज़। 'मुहब्बत' और 'घालमेल' जैसी कहानियाँ इसका उदाहरण हैं। 'मुक्ति' पिछले दिनों आया एक ऐसा कहानी संग्रह है जो समकालीन कहानी में अन्धकार देखने वाले आलोचकों की आँखों में 'आर्क लाइट' की तेज़ रोशनी डाल सकता है। भले ही उस चकाचौंध में उन्हें कुछ देर फिर से कुछ न दिखाई पड़े।

About the writer

AKHILESH

AKHILESH जन्म : 1960, सुल्तानपुर (उ.प्र.)। शिक्षा : एम.ए. (हिन्दी साहित्य), इलाहाबाद विश्वविद्यालय। प्रकाशित कृतियाँ—कहानी-संग्रह : आदमी नहीं टूटता, मुक्ति, शापग्रस्त, अँधेरा। उपन्यास : अन्वेषण। सृजनात्मक गद्य : वह जो यथार्थ था। आलोचना : श्रीलाल शुक्ल की दुनिया (सं.)। सम्पादन : वर्तमान साहित्य, अतएव पत्रिकाओं में समय-समय पर सम्पादन। आजकल प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्रिका तद्भव के सम्पादक। 'एक कहानी एक किताब' शृंखला की दस पुस्तकों के शृंखला सम्पादक। 'दस बेमिसाल प्रेम कहानियाँ' का सम्पादन। अन्य : देश के महत्त्वपूर्ण निर्देशकों द्वारा कई कहानियों का मंचन एवं नाट्य रूपान्तरण। कुछ कहानियों का दूरदर्शन हेतु फिल्मांकन। टेलिविजन के लिए पटकथा एवं संवाद लेखन। अनेक भारतीय भाषाओं में रचनाओं के अनुवाद प्रकाशित। पुरस्कार/सम्मान : श्रीकांत वर्मा सम्मान, इन्दु शर्मा कथा सम्मान, परिमल सम्मान, वनमाली सम्मान, अयोध्या प्रसाद खत्री सम्मान, स्पन्दन पुरस्कार, बाल कृष्ण शर्मा नवीन पुरस्कार, कथा अवार्ड।

Books by AKHILESH

Customer Reviews

No review available. Add your review. You can be the first.

Write Your Own Review

How do you rate this product? *

           
Price
Value
Quality