PATTHAR FENK RAHA HOON

Format:Paper Back

ISBN:978-93-5000-097-7

Author:CHANDRAKANT DEVTALE

Pages:180


MRP : Rs. 250/-

Stock:In Stock

Rs. 250/-

Details

साहित्य अकादेमी पुरस्कार-2012 से सम्मानित कृति- 'पत्थर फेंक रहा हूँ'

Additional Information

"परसाई स्मृति समारोह में भाग लेने में तीन दिन की यात्रा पर भोपाल गयी थी। समारोह में भाग लेने के लिए चन्द्रकान्त देवताले भी आये थे। एक सुबह मैंने उनसे कविताएँ सुनाने का आग्रह किया। उन्होंने कई कविताएँ सुनायीं। मैंने उनकी कुछ कविताओं के ज़ेरॉक्स बांग्ला में अनुवाद कराने के लिए भी लिये। अनूदित कविताएँ ‘भाषा बन्धन' में छपी। चन्द्रकान्त 50 वर्षों से लिख रहे हैं। चन्द्रकान्त इसलिए बड़े कवि हैं, क्योंकि वे जीवन से अपनी कविता को इस भाँति जोड़ते हैं कि दोनों दीप्त, विकसित और ऊर्जास्वित होते हैं। देवताले के काव्य में उद्दाम जिजीविषा है, कवि ने निजी, पारिवारिक और सामाजिक जीवन के संघर्ष के समान्तर भारतीय समाज के बिखरते मूल्यों, विडम्बनाओं को भी एक ख़ास तेवर व त्वरा में अभिव्यक्त किया है, इसलिए उनमें एक मौलिकता और वैयक्तिकता है और इसी कारण वे केन्द्रीय पहचान बनाये हुए हैं। यह पहचान उनकी काव्य चिन्ताओं, सरोकारों और प्रतिबद्धताओं से बनी है। उनकी प्रतिबद्धता आम जन से, निम्नवर्गीय, मेहनतकश-शोषित-शासित जन से है। देवताले ने इस वर्ग पर कविताएँ लिखी हैं, तो अन्तरंग लोगों पर भी, एकान्त निजीपन की कविताएँ लिखी हैं, तो स्त्री-पुरुष सम्बन्धों पर भी। चन्द्रकान्त देवताले के काव्य में आग है। उन्होंने आग पर बेजोड़ कविता लिखी है। वह आग ही जीवन को ताप देती है। कवि का सृजनात्मक वैविध्य मृत्यु तक जाता है और मृत्यु सम्बन्धी कविताएँ भी जीवन को एक अभिप्राय देती हैं। मुझे लगता है कि देवताले की कविताओं में समूची पृथ्वी का विस्तार है। कवि की नज़र समूची पृथ्वी पर है, इसलिए भी वे विराट के कवि हैं। मेरी राय में साम्प्रतिक हिन्दी कविता के मिजाज़ को देवताले के काव्य से रू-ब-रू हुए बगैर नहीं समझा जा सकता। -महाश्वेता देवी "

About the writer

CHANDRAKANT DEVTALE

CHANDRAKANT DEVTALE जौलखेड़ा (जिला बैतूल), मध्य प्रदेश में 7 नवम्बर 1936 को जन्म। प्रारंभिक शिक्षा बड़वाह तथा इंदौर में। होल्कर कॉलेज, इंदौर से हिन्दी साहित्य में एम.ए.। सागर विश्वविद्यालय से मुक्तिबोध पर 1984 में पीएच.डी.। 1961 से 1996 तक उच्च शिक्षा विभाग, मध्य प्रदेश शासन के तहत पन्ना, भोपाल, उज्जैन, पिपरिया, राजगढ़, रतलाम, नागदा तथा इन्दौर के कॉलेजों में अध्यापन। शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, इन्दौर में हिन्दी विभागाध्यक्ष तथा डीन, कला संकाय, देवी अहिल्याबाई विश्वविद्यालय, इन्दौर के पदों से सेवा निवृत्ति के बाद स्वतंत्र लेखन तथा पत्रकारिता। दैनिक भास्कर, इंदौर में छह वर्षों तक नियमित स्तंभ लेखन।

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