Dalit Chintan Ka Vikas

Format:Hard Bound

ISBN:978-81-8143-870-6

Author:DR. DHARAMVEER

Pages:258

MRP:Rs.695/-

Stock:In Stock

Rs.695/-

Details

दलित चिन्तन का विकास

Additional Information

डॉ. धर्मवीर अपनी निर्भीक तार्किकता और स्पष्टवादी चिन्तन के कारण अक्सर विवाद पैदा करते रहे। दलितों के प्रश्न को उन्होंने बार-बार और कई कोणों से परखने की कोशिश की। उनकी मौजूदा पुस्तक इसी क्रम में एक नयी पहलकदमी है। उनका मानना है कि पिछले कुछ ज्ञात हज़ार वर्षों से दलित चिन्तन एक अभिशप्त चिन्तन रहा है... दलित चिन्तन को अभिशप्त इस रूप में कहा जा रहा है कि यह ब्राह्मण के ज़िक्र से भरा हुआ है।' डॉ. धर्मवीर की स्थापना है। कि 'दलित चिन्तन उस समय मुक्त, स्वतन्त्र और वास्तविक होगा जिस समय उसके जिक्र में से ब्राह्मण का सन्दर्भ निकल जायेगा। वह दिन उसकी सच्ची स्वतन्त्रता का दिन होगा।' उन्हें इसका आभास है कि दलित चिन्तन में निरन्तरता नहीं रही है और इसीलिए उसके विकास में बाधाएँ पड़ी हैं, वह आगे नहीं बढ़ पाया है और उसने एक जगह खड़े हो कर समय गुज़ारा है। इस पुस्तक में संकलित लेखों में डॉ. धर्मवीर ने साहित्य पर भी नज़र डाली है इतिहास पर भी और समाजशास्त्र पर भी। कारण शायद यह है कि यह सारे एक-दूसरे से गूँथे हुए हैं और एक को दूसरे से अलग करना सम्भव नहीं है। यकीनन डॉ. धर्मवीर के ये लेख विचारोत्तेजक हैं। आप उनसे सहमत हों या न हों लेकिन उनके श्रम और विषय की गहराई में उतरने की लगन से प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकते। निश्चय ही यह पुस्तक बहुत कुछ सोचने-समझने के। लिए उपलब्ध कराती है। डॉ. धर्मवीर ने इसे समर्पित किया है 'उस दलित चिन्तन को जो दलितों की ज़िम्मेदारी गैर-दलितों पर नहीं डालता और खुद पर ओटता है।' यह समर्पण ही डॉ. धर्मवीर के उद्देश्य को स्पष्ट कर देता है।

About the writer

DR. DHARAMVEER

DR. DHARAMVEER महान आजीवक: कबीर, रैदास और गोसाल 2017 कबीर: ‘खसम खुशी क्यों होय?’ 2013 प्रेमचन्द की नीली आँखें 2010 मेरी पत्नी और भेड़िया 2009 दलित चिन्तन का विकास 2007 दूसरों की जूतियाँ 2007 तीन द्विज हिन्दू स्त्रीलिंगों का चिन्तन 2007 चमार की बेटी रूपा 2007 दलित सिविल कानून 2007 दलित आत्मालोचन की प्रक्रिया 2007 ‘जूठन’ का लेखक कौन है? 2006 थेरीगाथा की स्त्रियाँ और डॉ. अम्बेडकर 2005 कामसूत्र की सन्तानें 2005 प्रेमचन्द: सामन्त का मुंशी 2005 अशोक बनाम वाजपेयी: अशोक वाजपेयी 2004 डॉ. अम्बेडकर के प्रशासनिक विचार 2004 सीमन्तनी उपदेश (सम्पादित) 2004 कबीर: सूत न कपास 2003 कबीर के कुछ और आलोचक 2002 कबीर: डॉ. हजारी प्रसाद द्विवेदी का प्रक्षिप्त चिन्तन 2000 कबीर और रामानन्द: किंवदंतियाँ 2000 कबीर: बाज भी, कपोत भी, पपीहा भी 2000 कबीर के आलोचक 1997 सन्त रैदास का निर्वर्ण सम्प्रदाय (पुरस्कृत) 1990 हिन्दी की आत्मा 1989 लोकायती वैष्णव विष्णु प्रभाकर (पुरस्कृत) 1987

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