MERA BACHPAN MERE KANDHON PAR

Format:Paper Back

ISBN:978-93-5000-003-8

Author:SHYORAJ SINGH BECHAIN

Pages:440


MRP : Rs. 395/-

Stock:In Stock

Rs. 395/-

Details

मेरा बचपन मेरे कन्धों पर

Additional Information

इन अर्थों में यह किताब आपको एक नहीं, कई मार्मिक अन्तःकथाएँ कहती है-छुआछूत की कथा, उत्पीड़न को उलटने की द्वन्द्वात्मकता की कथा और अपने शब्दों से एक आदर्श संसार की तलाश की यथार्थ कथाएँ, अपने कठिन लेकिन जीवट-भरे बचपन की धूप और झुटपुटों से रचे-बसे हाथों से लिखे गये अपने शब्दों में। बचपन से वयस्कता तक, बच्चे से पुरुष बनने तक, यह एक दुर्लभ महाकाव्यात्मक साहित्य है, क्योंकि प्रेम, गरिमा और मुक्ति की तरह इसका हर शब्द एक सपना है, हर शब्द अनमोल है। मुक्ति भय से, मुक्ति भूख से, मुक्ति छुआछूत से, वर्ण व्यवस्था पर आधारित समाज के उत्पीड़न और अमानवीयता भरे भयावह कर्मकाण्ड से। पूरे आदर के साथ आप इस किताब को अपने हाथों में लीजिए। इसका स्पर्श कीजिए और इसे चूमिए तब आप लेखक की ऊपरी त्वचा और भीतरी संवेदना को महसूस कर सकेंगे, और तभी आप रत्ती भर भी साहित्यिक दिखावे या दावे के बिना महान साहित्य की ठोस उपस्थिति भी महसूस कर सकेंगे। एक दलित की महान मानवीय सृजनात्मकता को भी। (भूमिका से) -अमित सेन गुप्ता वरिष्ठ पत्रकार और प्रभारी सम्पादक हार्ड न्यूज़

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