MADHYAKALIN BHARTIYA ITIHAS LEKHAN

Format:Hard Bound

ISBN:978-81-8143-610-8

Author:Dr. Harishankar Srivastava

Pages:184


MRP : Rs. 200/-

Stock:Out of Stock

Rs. 200/-

Details

समकालीन स्रोत सामग्री का अध्ययन, विवेचन, मूल्यांकन इतिहास के सही तथ्यों के समझने के आधार हैं। मध्यकालीन भारतीय इतिहास (1200-1707) के अध्ययन के लिए हमें मुख्यतया समकालीन ग्रन्थों, फ़रमानों, अभिलेखों, चित्रों, पुरातात्त्विक अवशेषों, सिक्कों का विवेचनात्मक अध्ययन करना पड़ता है। इनमें प्रमुख आधार समकालीन ग्रन्थ हैं। इस काल की राजसी भाषा फारसी थी। इस कारण अधिकतर ऐतिहासिक ग्रन्थ इसी भाषा में लिखे गये। इसमें अतिरिक्त क्षेत्रीय भाषाओं-राजस्थानी, बंगला, गुजराती, मराठी, व आसाम के अहोम शासकों के काल के बुरन्जीस, तमिल, तेलुगु, उड़िया तथा संस्कृत में लिखे गये ग्रन्थ, यात्रियों द्वारा अरबी तथा योरोपीय भाषाओं में लिखे गये संस्मरण, समकालीन भक्ति तथा सूफ़ी साहित्य अत्यन्त उपयोगी है।

Additional Information

No Additional Information Available

About the writer

Dr. Harishankar Srivastava

Dr. Harishankar Srivastava डॉ. हरिशंकर श्रीवास्तव इलाहाबाद विश्वविद्यालय से 1943 में इतिहास में एम. ए., पी-एच. डी.। लगभग चालीस वर्ष का स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं में अध्यापन, जिनमें 37 वर्षों तक अध्यक्ष पद पर कार्य करने का अनुभव। फेलो, रायल एशियाटिक सोसाइटी, लन्दन। फेलो. इंस्टीच्यूट ऑफ़ हिस्टारिकल स्टडीज़, कलकत्ता। दो दशकों तक सदस्य, इंडियन हिस्टारिकल रेकार्डस कमीशन, भारत सरकार। सदस्य, यू. पी. रीजनल रेकार्डस सर्वे कमेटी, उत्तर प्रदेश सरकार। सदस्य, उत्तर प्रदेश स्वतत्रंता सग्राम इतिहास परामर्शदात्री समिति, उत्तर प्रदेश सरकार। अध्यक्ष, मध्यकालीन इतिहास शाखा, इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस (34 वाँ अधिवेशन, 1973, चण्डीगढ़)। अध्यक्ष, मध्यकालीन शाखा पंजाब हिस्ट्री कांग्रेस, पटियाला 1979। सदस्य, भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद, नयी दिल्ली 1991-941 भारत सरकार द्वारा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली के कोर्ट के नामित सदस्य 1991-94। अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश.इतिहास कांग्रेस 19871 प्रमुख कृतियाँ 1. मुगल सम्राट हुमायूँ (हिन्दी):, प्रथम संस्करण, आगरा, 1965। द्वितीय संस्करण, भारत सरकार बुक ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया के माध्यम से 1985 में प्रकाशित। तीसरा संस्करण वाणी प्रकाशन, दिल्ली, 20041 2. हिस्ट्री ऑफ़ इंडियन फेमीन्स (1858-1918), अंग्रेज़ी), आगरा, 1968। 3. मुग़ल शासन प्रणाली: प्रथम संस्करण, मैकमिलन इंडिया, तृतीय एवं चतुर्थ संशोधित संस्करण, वाणी प्रकाशन, दिल्ली 2003। 4. मध्यकालीन भारतीय इतिहास लेखन (1200-1445), (हिन्दी) 1997, वाराणसी 5. कल्चरल सीन्थेसिस इन मेडिवल इंडिया, के. पी. जायसवाल मेमोरियल लेक्चर, (अंग्रेजी) पटना 2002 इनके अतिरिक्त अस्सी (80) से अधिक शोधलेख प्रकाशित।

Customer Reviews

No review available. Add your review. You can be the first.

Write Your Own Review

How do you rate this product? *

           
Price
Value
Quality