Roopantar Kalan

Format:Hard Bound

ISBN:978-93-5229-414-5

Author:DR. BRIJMOHAN

Pages:198


MRP : Rs. 300/-

Stock:Out of Stock

Rs. 300/-

Details

हिन्दी और प्रादेशिक भाषाओं को शिक्षा के माध्यम के रूप में अपनाने के लिए यह आवश्यक है कि इनमें उच्च कोटि के प्रामाणिक ग्रन्थ अधिक से अधिक संख्या में तैयार किये जायें। भारत सरकार ने यह कार्य वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग के हाथ में सौंपा है और उसने इसे बडे़ पैमाने पर करने की योजना बनायी है। इस योजना के अन्तर्गत अंग्रेजी और अन्य भाषाओं के प्रमाणिक ग्रन्थों का अनुवाद किया जा रहा है तथा मौलिक ग्रन्थ भी लिखाए जा रहे हैं। ‘रूपान्तर कलन’ नामक मौलिक पुस्तक हिन्दी प्रकाशन समिति, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तुत की जा रही है।

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