Mughal Shasan Pranali

Format:Hard Bound

ISBN:978-93-5229-416-9

Author:Dr. Harishankar Srivastava

Pages:320


MRP : Rs. 700/-

Stock:In Stock

Rs. 700/-

Details

मुग़ल शासन प्रणाली

Additional Information

मुग़ल साम्राज्य का अस्तित्व लगभग सवा तीन सौ साल (1526-1857) तक रहा। किन्तु औरंगजेब की मृत्यु (1707) के पश्चात इसका विकेन्द्रीकरण प्रारम्भ हो गया। उन्नीसवीं शताब्दी के प्रारम्भ में मुग़ल साम्राज्य अपने पुरातन गौरव की छाया मात्र रह गया था तथा उसका वास्तविक शासन दिल्ली तक ही सीमित था। साम्राज्य के प्रशासन का वास्तविक संगठन अकबर काल में हुआ। उसके उत्तराधिकारियों के काल में इसमें आवश्यक सुधार हुए किन्तु इसका मूल ढाँचा अकबरकालीन ही बना रहा। प्रस्तुत पुस्तक में सोलहवीं एवं सत्रहवीं शताब्दी (1526-1707) की मुग़ल शासन प्रणाली का विस्तृत वर्णन है। इसके अतिरिक्त उत्तर मुग़लकाल के महत्त्वपूर्ण शासकीय परिवर्तनों का भी यथास्थान उल्लेख है। इससे सम्पूर्ण मुग़ल शासन प्रणाली का स्वरूप उपस्थित हो सकेगा। मुग़ल शासन में प्रयुक्त होने वाली विशेष शब्दावली पुस्तक के अन्त में दी गयी है। उससे उस काल में प्रयुक्त होने वाले शासकीय शब्दों को आधुनिक परिवेश में सरलता से समझा जा सकेगा। आशा है, इससे सम्पूर्ण मुग़ल प्रशासन के अध्ययन में अध्येताओं को सुविधा होगी।

About the writer

Dr. Harishankar Srivastava

Dr. Harishankar Srivastava हरिशंकर श्रीवास्तव इलाहाबाद विश्वविद्यालय से 1943 में इतिहास में एम.ए. लगभग चालीस वर्ष का स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं में अध्यापन, जिसमें 37 वर्षों तक अध्यक्ष पद पर कार्य करने का अनुभव, फेलो-रायल एशियाटिक सोसाइटी, लन्दन; फेलो-इंस्टीच्यूट ऑफ़ हिस्टारिकल स्टडीज़, कलकत्ता; दो दशक तक सदस्य-इण्डियन हिस्टारिकल रेकार्ड्स कमीशन, भारत सरकार; सदस्य यू.पी. रीजनल रेकार्ड्स सर्वे कमेटी, उत्तर प्रदेश सरकार; सदस्य उत्तर प्रदेश स्वतंत्रता संग्राम इतिहास परामर्श दात्री समिति, उत्तर प्रदेश सरकार; अध्यक्ष-मध्यकालीन इतिहास, शाखा, इण्डियन हिस्ट्री कांग्रेस (34 वां अधिवेशन, 1973, चण्डीगढ़); अध्यक्ष मध्यकालीन शाखा पंजाब हिस्ट्री कांग्रेस, पटियाला 1979; सदस्य भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद, नयी दिल्ली-1991-94; भारत सरकार द्वारा, जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली के कोर्ट का नामित सदस्य 1991-94, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश इतिहास कांग्रेस 1987 . प्रमुख कृतियाँ 1. मुग़ल सम्राट हुमायूं (हिन्दी), प्रथम संस्करण, आगरा, 1965; द्वितीय संस्करण, भारत सरकार बक टस्ट आफ इण्डिया के माध्यम से 1985 में प्रकाशित। तीसरा संस्करण वाणी प्रकाशन, दिल्ली, 2004 । 2. हिस्ट्री ऑफ़ इण्डियन फेमीन्स (1858-1918), (अंग्रेज़ी), आगरा, 1968 3. मुग़ल शासन प्रणाली : प्रथम संस्करण, मैकमिलन इण्डिया, तृतीय एवं चतुर्थ संशोधित संस्करण, वाणी प्रकाशन, दिल्ली, 2003 4. मध्यकालीन भारतीय इतिहास लेखन (1200-1445), (हिन्दी) 1997, वाराणसी 5. कल्चरल सिन्थेसिस इन मेडिवल इण्डिया, के.पी. जायसवाल मेमोरियल, लेक्चर, (अंग्रेजी) पटना, 2002 इनके अतिरिक्त अस्सी (80) से अधिक शोध लेख तथा स्नेहदान कहानी संग्रह प्रकाशित।

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