PAANCH BEHATREEN KAHANIYAN

Format:Paper Back

ISBN:978-93-5072-323-4

Author:QURRATULAIN HYDER

Pages:80


MRP : Rs. 75/-

Stock:In Stock

Rs. 75/-

Details

"उस रोज़ नौचन्दी जुमेरात थी। छम्मी बेगम स्नानगृह में नहा रही थीं। सर्दियों का ज़माना था। हमाम के नीचे सुलगते अंगारे कब के बुझ चुके थे और छम्मी बेगम को कँपकँपी-सी चढ़ रही थी। जल्दी से बाल तौलिए में लपेटकर खड़ावे पहन रही थीं, जब सलामत बुआ की सिलबिल्ली नवासी ने ज़ोर से स्नानगृह के दीमक लगे किवाड़ की कुण्डी खड़खड़ाई।"

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