PAANCH BEHATREEN KAHANIYAN

Format:Paper Back

ISBN:978-93-5072-321-0

Author:GEETA SHRI

Pages:72


MRP : Rs. 75/-

Stock:In Stock

Rs. 75/-

Details

"आसावरी कभी-कभी मन को समझाती कि हो सकता है, रंजना सचमुच प्रतिभाशाली हो, जेनुइन हो...। थोड़ी देर ठीक रहती, रंजना के प्रति सहृदय हो उठती।... मगर जैसे ही बॉस उसकी स्टोरी की तारीफ करते, आसावरी बौखला उठती। रंजना से बड़ा शत्रु कोई नजर नहीं आता। फोन उठाती और अपनी किसी दोस्त को बताती... ‘स्साली पता नहीं कितने घर तोड़ेगी। रहती किसी के साथ है, घूमती किसी के साथ है।...’ रंजना को सब सुनाई पड़ता और कनखियों से आसावरी उसके तमतमाए चेहरे को देखती और आनन्दित होती।"

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About the writer

GEETA SHRI

GEETA SHRI गीताश्री का जन्म मुजफ्फरपुर ( बिहार ) में हुआ । सर्वश्रेष्ठ हिन्दी पत्रकार ( वर्ष 2008-2009) के लिए रामनाथ गोयनका पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार गीताश्री पत्रकारिता के साथ-साथ साहित्य की दुनिया में सक्रिय हैं । सम्प्रति : आउटलुक (हिन्दी ) दिल्ली में सहायक संपादक.

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