ANAMA

Format:Hard Bound

ISBN:978-93-5072-654-9

Author:MANISHA KULSHRESHTHA

Pages:96

MRP:Rs.250/-

Stock:In Stock

Rs.250/-

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अनामा

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तुमने ठीक कहा कि बनारस किसी नये व्यक्ति के लिए एक कैलाइडोस्कोप है। यह आप पर धीरे-धीरे खुलता है। बनारस को वन गो में नहीं महसूस किया जा सकता। यहाँ के जीवन का सुरताल देर से समझ आता है। तुम सच थीं, वाराणसी एक जादुई शहर है, जिसमें मैंने मृत्यु और जीवन को उसके सूक्ष्मतम और विरोधाभासी रूप में देखा है। प्रकाश और अन्धकार का शहर, भगवा चोलों और रंगीन साड़ियों का शहर, नगाड़ों और अजानों का शहर, ऊँची उड़ती पतंगों का और सड़क पर लेटी भैंसों का शहर, रिक्शों की घंटियों और सितार की तान का शहर, उबलती चाय और गरम जलेबियों का शहर, इस शहर से लगाव कर पाने में मुझे वक्त लगा, क्योंकि एक सच्चा लगाव, बहुत से गुस्से, खीज, निराशा-हताशा के पलों से लड़ने, उबरने के बाद ही जन्मता है, यह शहर अब भी चुनौती है। फिर भी यह सच है कि यहाँ आकर लगा नलिनी कि क्षणभंगुरता क्या है और जीवन का सार दरअसल क्या है? मुझे हैरानी हुई जीवन को तो यहाँ के लोग फूंक पर रखते ही हैं, हर समय उत्सव के नशे में रहते हैं, जेब में कानी कौड़ी भी न हो तब भी! मगर मृत्यु को भी यहाँ कितने हलके से लेते हैं लोग...जैसे मृत्यु भी एक उत्सव हो। मैंने माँ की उत्सवधर्मी स्मृतियों को सहेज लिया और ग्लानि का तर्पण कर दिया है। ('अनामा' कहानी से)

About the writer

MANISHA KULSHRESHTHA

MANISHA KULSHRESHTHA जन्म: 26 अगस्त, 1967, जोधपुर। शिक्षा: बी.एससी., एम.ए. हिन्दी साहित्य), एम.फिल. विशारद (कथक)। प्रकाशित कृतियाँ: कहानी संग्रह: कठपुतलियाँ, कुछ भी तो रूमानी नहीं, केयर ऑफ स्वात घाटी, गन्धर्व-गाथा, बौनी होती परछाईं। उपन्यास: शिगाफ, शालभंजिका। अन्य: ‘नया ज्ञानोदय’ में इंटरनेट और हिन्दी पर लिखी लेखमाला की पुस्तक शीघ्र प्रकाश्य। अनुवाद: माया एंजलू की आत्मकथा ‘वाय केज्ड बर्ड सिंग’ के अंश, लातिन अमरीकी लेखक मामाडे के उपन्यास ‘हाउस मेड ऑफ डॉन’ के अंश, बोर्हेस की कहानियों का अनुवाद। पुरस्कार व सम्मान: चन्द्रदेव शर्मा सम्मान, 1989 (राजस्थान साहित्य अकादमी); कृष्ण बलदेव वैद फैलोशिप, 2007; डॉ. घासीराम वर्मा सम्मान, 2009; रांगेय राघव पुरस्कार वर्ष 2010 (राजस्थान साहित्य अकादमी)। बहुचर्चित उपन्यास ‘शिगाफ’ का हायडलबर्ग (जर्मनी) के साउथ एशियन मॉडर्न लैंग्वेजेज़ सेंटर में वाचन। सम्प्रति: स्वतंत्र लेखन और इंटरनेट की पहली हिन्दी वेबपत्रिका ‘हिन्दीनेस्ट’ का ग्यारह वर्षांे से सम्पादन। हिन्दीनेस्ट के अलावा, वर्धा विश्वविद्यालय की वेबसाइट ‘हिन्दी समय डॉट कॉम’ का निर्माण, संगमन की बेबसाइट ‘संगमन डॉट कॉम’ का निर्माण व देखरेख। वर्तमान पता: 9/96, अर्जन विहार, दिल्ली कैंट, नई दिल्ली। स्थायी पता: 65 गिरनार कॉलोनी (साउथ), आदित्य विहार, गांधी पथ, वैशाली नगर, जयपुर। ईमेल: manishakuls@gmail.com

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