CHAUKHTE TODTE TRIKON

Format:Hard Bound

ISBN:

Author:ED. RAJENDRA YADAV

Pages:156


MRP : Rs. 250/-

Stock:In Stock

Rs. 250/-

Details

चौखटे तोड़ते त्रिकोण

Additional Information

त्रिकोण और चौखटे मूलतः मनवाद के इलाके की चीजें हैं क्योंकि रिश्ते की गुंझलों और गुंजलकों को फैलाने, समेटने, सुलझाने और समझने के लिए सुविधाजनक और व्यावहारिक फ्रेम का काम करती है। अगर गहराई और ऊँचाई वगैरह से भी निपटने और सुलटने का हौसला हो तो इन्हें दिक् और काल के दार्शनिक अमूर्तनों तक बढ़ाया और घटाया जा सकता है; बुनियादी तौर पर हाड़-मांस के जिन्दा आदमी की उन धड़कनों की कहानियाँ है जिनमें वह सबसे ज्यादा असुरक्षित है। मतलब यह नहीं कि जिन्दा आदमी के भीतर से दानिक अमूर्तन निकाले 'नहीं जा सकते, यह भी नहीं कि दार्शनिक अमूर्तनों की तलाश में कहानी जिन्दा आदमी को मुर्दा ही कर डालती है बल्कि सिर्फ यह कि इन कहानियों का स्वभाव ऐसा है।

About the writer

ED. RAJENDRA YADAV

ED. RAJENDRA YADAV राजेन्द्र यादव जन्म : 28 अगस्त, 1929 शिक्षा : एम.ए. (आगरा)। प्रथम रचना : प्रतिहिंसा ('चांद' के भूतपूर्व सम्पादक श्री रामरखसिंह सहगल के मासिक 'कर्मयोगी' में) 1947 में। प्रकाशित रचनाएँ : सारा आकाश, उखड़े हुए लोग, शह और मात, एक इंच मुस्कान (मन्नू भंडारी के साथ), कुलटा, अनदेखे अनजाने पुल, मंत्रविद्ध (उपन्यास) देवताओं की मूर्तियाँ, खेल-खिलौने, जहाँ लक्ष्मी कैद है, छोटे-छोटे ताजमहल, किनारे से किनारे तक, टूटना, ढोल और अपने पार, वहाँ तक पहुँचने की दौड़, श्रेष्ठ कहानियाँ, प्रिय कहानियाँ, प्रतिनिधि कहानियाँ, प्रेम कहानियाँ, दस प्रतिनिधि कहानियाँ और चौखटे तोड़ते त्रिकोण। (अब तक की तमाम कहानियाँ पड़ाव-1, पड़ाव-2 और 'यहाँ तक' शीर्षक तीन जिल्दों में संकलित) (कहानी संग्रह), आवाज़ तेरी है (कविता संग्रह) कहानी : स्वरूप और संवेदना, उपन्यास : स्वरूप और संवेदना, कहानी : अनुभव और अभिव्यक्ति, औरों के बहाने, अठारह उपन्यास, कांटे की बात शृंखला (निबन्ध संग्रह)। 'सम्पादन : नये साहित्यकार पुस्तकमाला में मोहन राकेश, कमलेश्वर, राजेन्द्र यादव, फणीश्वरनाथ रेणु तथा मन्नू भंडारी की चुनी हुई कहानियाँ। एक दुनिया : समानान्तर, कथा-यात्रा, कथा-दशक, आत्मतर्पण और काली सुखियाँ (अफ्रीकी कहानियाँ)। 'अनुवाद : हमारे युग का एक नायक : लर्मेल्तोव, प्रथम प्रेम, 'वसंत प्लावन : तुर्गनेव, टक्कर : ऐन्तोन चेखव, संत 'सर्गीयस : टालस्टॉय, एक महुआ : एक मोती : स्टाइन बैक, 'अजनबी : अलबेयर कामू (छहों उपन्यास कथा-शिखर-1,2 शीर्षक से दो जिल्दों में संकलित)। निधन : 28 अक्टूबर 2013

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