AAJ KI PUKAR

Format:Hard Bound

ISBN:978-93-5072-784-3

Author:DR. MADHU DHAWAN

Pages:48


MRP : Rs. 150/-

Stock:In Stock

Rs. 150/-

Details

आज की पुकार

Additional Information

21वीं शताब्दी अपनी अनेक असाधारण विशेषताओं की गुणवत्ता लिए हुए है। विज्ञान की अभूतपूर्व प्रगति, औद्योगिकी और प्राविधिक यंत्रों को चकाचौंध कर देने वाले विकास मानव-संसार के उपयोगी साधन...। हम सब बख़ूबी इससे परिचित हैं और ख़ूब फ़ायदा उठा रहे हैं। अक्सर जो चीज़ समक्ष नहीं होती, यह कहूँ जो विगत अवधि में इतनी मुखर हो सामने नहीं आयी थी-वह है परिवर्तन की स्वचालित गति की स्वायत्तता, जो अपने अन्तर्निहित नियमों द्वारा परिचालित नहीं होती। मानव उसका संचालक अवश्य है किन्तु एक हद तक। तदुपरान्त परिवर्तन का संवेग उसकी इच्छा और संकल्प शक्ति पर नहीं अपितु स्वयं अपनी ऐच्छिकता से चलता जाता है। घटनाएँ घटती हैं इसलिए नहीं कि मानव उसे चाहता है, इसलिए भी नहीं कि उपयोगी और वांछनीय है, अपितु वे अपनी होने की परवशता में आबद्ध है। आकलन-प्राक्लन करती मेरी दृष्टि यह देखती है कि एक उपमहाद्वीप जो कभी वेदों के अथाह मन्त्रों से समस्त विश्व को आलोकित करता था, सृष्टि के रहस्य जिसके उपनिषदों के चिन्तन में प्रत्यक्ष हो उठते थे, जिसने सर्वदा विश्व को ज्ञान के आलोक से संपृक्त किया-आज एकाएक पतन की ओर रुख किये है। क्यों परिवर्तित हो गया है? आज अपने देश की सीमाएँ इतनी अधिक संवेदनशील, असन्तोषजनक, ध्वंसकारी हैं कि हिंसा, आतंक, शोषण-उत्पीड़न, ड्रग-सेवन, सामूहिक बलात्कार, अपहरण, खून-खराबा आदि वैश्विक समस्याएँ बनी हुई हैं। ऐसे विषाक्त वातावरण में आचरण की निर्मलता पर बल देना किसी मन्दिर, मठ, गिरजाघर या चैत्यालय के उन उपदेशों जैसे लगते हैं, जिस पर उसका उपदेष्टा भी उसके अनुरूप पवित्र आचरण सम्भवतः न कर सके।

About the writer

DR. MADHU DHAWAN

DR. MADHU DHAWAN डॉ. मधु धवन सौ से अधिक पुस्तकों की रचयिता मधु धवन का जन्म 1952 में हुआ। मधु धवन विगत 30 वर्षों से हिन्दी प्रचार-प्रसार में जुटी हैं। आप सशक्त लेखिका और शिक्षाविद् हैं। आपने दक्षिण में हिन्दी अध्ययन- अध्यापन की समस्याओं के निवारणार्थ स्कूल शिक्षकों के लिए लगभग 200 कार्यशालाएँ चलाई हैं। आपका नाम Who's Who में अंकित है। ‘द संडे इंडियन’ ने विश्व की 111 हिन्दी लेखिकाओं में आपको दो बार चुना है। आपने एक महाकाव्य, चार खंडकाव्य, चार नाटक, अस्सी एकांकी, तेरह उपन्यास, दो कहानी संग्रह, दो पत्रकारिता, छह राजभाषा, एक विज्ञापन-कला, एक भाषान्तरण कला, संचार माध्यम, मीठी हिन्दी, हिन्दी साहित्य का इतिहास, दो कविता संकलन, एक साहित्यिक निबन्ध तथा कई पुस्तकों का सम्पादन-लेखन भी किया है। ‘इंटरनेट का माऊस’ कहानी संग्रह के लिए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित।

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