PAANCH BEHATREEN KAHANIYAN

Format:Paper Back

ISBN:978-93-5072-932-8

Author:MADHU KANKRIYA

Pages:112


MRP : Rs. 75/-

Stock:In Stock

Rs. 75/-

Details

पाँच बेहतरीन कहानियाँ

Additional Information

“ 'सुसाइड' शब्द सुन युवक भी रोमांचित और विचारशील हो गया था। किसी दार्शनिक की तरह उसने कहा, “कोई जरूरी नहीं कि इतना सौन्दर्य जीवन के प्रति राग ही पैदा करे, वह विराग भी तो पैदा कर सकता है। एक बार दो मित्रों ने एक साथ किसी अति भव्य रमणीय स्थल को देखा, पहला उसे देख पगला गया...सहन नहीं कर पाया इतने भव्य सौन्दर्य को।"

About the writer

MADHU KANKRIYA

MADHU KANKRIYA मधु कांकरिया जन्म : 23 मार्च 1957 भाषा : हिन्दी विधाएँ : उपन्यास, कहानी प्रकाशति कृतियाँ : खुले गगन के लाल सितारे, सलाम आखिरी, पत्ताखोर, सेज पर संस्कृत, रहना नहीं देस वीराना है, खुले गगन के लाल सितारे, सलाम आखिरी कहानी संग्रह : अन्तहीन मरुस्थल, और में यीशु, बीतते हुए, भरी दोपहरी के अंधेरे, चिड़ियाँ ऐसे मरती है, पाँच बेहतरीन सम्मान : कथाक्रम सम्मान 2008, हेमचन्द्र साहित्य सम्मारन संपर्क : फ्लैट नंबर 602, एच विंग, ग्रीन वुड्स कांप्लेक्स, चकाला बस स्टॉप के नजदीक, अंधेरी -कुर्ला रोड, अँधेरी (पूर्व), मुंबई-69 (महाराष्ट्र)

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