KOTHAGOI : CHATURBHUJ ISTHAN KE KISSE

Format:Hard Bound

ISBN:978-93-5072-994-6

Author:PRABHAT RANJAN

Pages:199


MRP : Rs. 395/-

Stock:In Stock

Rs. 395/-

Details

कोठागोई : चतुर्भुज स्थान के किस्से

Additional Information

बोरिंग चीजें नहीं चलतीं, जिनमें रस होता है वही चलती हैं, वही देर तक मौजूद रहती हैं। कोठों की किस्सागोई मुल्क के बदलते वक़्त का दिलचस्प और यादगार मकाम है। किस्से गुमनाम गायिकाओं के हैं जिनको समाज ने बदनाम कहा। लेकिन उनकी सच्ची कला को लोग भूलते भी जा रहे हैं। उन बदनाम कही जानेवाली गायिकाओं की विरासत को एक सलाम है कोठागोई। प्रभात रंजन की कोठागोई इस संस्कृति से प्रेरित किस्सों का एक मजेदार संग्रह है। पढ़िए और सुनाइए-क्योंकि दोनों में बराबर मज़ा है। -इम्तियाज अली, फ़िल्म निर्देशक

About the writer

PRABHAT RANJAN

PRABHAT RANJAN प्रभात रंजन जन्म : 3 नवम्बर 1970, सीतामढ़ी, बिहार। विधाएँ : कहानी, आलोचना। प्रमुख कृतियाँ : जानकीपुल, बोलेरो क्लास (कहानी संग्रह); पत्रकारिता के युग निर्माता : मनोहर श्याम जोशी, मार्केज़ : जादुई यथार्थ का जादूगर (आलोचना)। अनुवाद : एन फ्रैंक की डायरी, श्रीनगर का षड्यन्त्र सहित 18 पुस्तकों के अनुवाद प्रकाशित। राही मासूम रज़ा के प्रसिद्ध धारावाहिक 'नीम का पेड़' का उपन्यास रूपान्तरण प्रकाशित। ब्लॉग : जानकीपुल.कॉम सम्पादन : बहुवचन के छह अंकों का सम्पादन। 'सम्मान : प्रेमचन्द सम्मान, सहारा समय कथा सम्मान, कृष्ण बलदेव वैद फेलोशिप, एबीपी न्यूज सर्वश्रेष्ठ ब्लॉगर सम्मान। 'सम्पर्क : ज़ाकिर हसैन सान्ध्य महाविद्यालय, जवाहरलाल नेहरू मार्ग, नयी दिल्ली-110002 फोन : 09891363062 ई-मेल : prabhatranja@gmail.com

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