SAHAS AUR SANKALP : EK AATMKATHA

Original Book/Language: अंग्रेज़ी भाषा से हिन्दी भाषा में अनूदित।

Format:Paper Back

ISBN:978-93-5072-971-7

Author:General V. K. Singh & Kunal Verma

Translation:ऑपरेशन संकट मोचन सुर्खियों में है। उसके नायक यानी विदेश राज्यमन्त्री जनरल वी. के. सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं। दक्षिणी सूडान से भारतीय नागरिकों की मुक्ति के लिए उनकी अगुआई में किया गया यह अभियान काबिले तारीफ़ है। इससे पहले भी एक जनरल के रूप में जनरल वी. के. सिंह ने भारत के नागरिकों और भारतीय अस्मिता की रक्षा करते हुए एक आदर्श प्रस्तुत किया है। वास्तव में उनका पूरा जीवन ऐसे अभियानों और संकल्पों से भरा हुआ है। 'साहस और संकल्प' उनकी ज़िन्दगी की ऐसी ही दास्तानों और अभियानों की एक बेजोड़ किताब है जिसमें एक नायक के बनने की पूरी कहानी बड़ी शिद्दत से दर्ज की गई है। वाणी प्रकाशन से प्रकाशित 'साहस और संकल्प : एक आत्मकथा' में तीन भाग हैं: 'तैयारियों के साल', 'ऊँचाइयों की ओर' और 'शिखर पर'। कुल 12 अध्यायों की इस किताब में नींव के निर्माण से लेकर सेना प्रमुख बनने की पूरी कहानी का दिलचस्प बयान दर्ज है। कहना न होगा कि एक ही वर्ष के अन्तराल में इसके दो संस्करण प्रकाशित हो चुके हैं और पाठकों द्वारा हाथोंहाथ लिए गए हैं।

Pages:370


MRP : Rs. 300/-

Stock:In Stock

Rs. 300/-

Details

अंग्रेज़ी भाषा से हिन्दी भाषा में अनूदित।

Additional Information

ऑपरेशन संकट मोचन सुर्खियों में है। उसके नायक यानी विदेश राज्यमन्त्री जनरल वी. के. सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं। दक्षिणी सूडान से भारतीय नागरिकों की मुक्ति के लिए उनकी अगुआई में किया गया यह अभियान काबिले तारीफ़ है। इससे पहले भी एक जनरल के रूप में जनरल वी. के. सिंह ने भारत के नागरिकों और भारतीय अस्मिता की रक्षा करते हुए एक आदर्श प्रस्तुत किया है। वास्तव में उनका पूरा जीवन ऐसे अभियानों और संकल्पों से भरा हुआ है। 'साहस और संकल्प' उनकी ज़िन्दगी की ऐसी ही दास्तानों और अभियानों की एक बेजोड़ किताब है जिसमें एक नायक के बनने की पूरी कहानी बड़ी शिद्दत से दर्ज की गई है। वाणी प्रकाशन से प्रकाशित 'साहस और संकल्प : एक आत्मकथा' में तीन भाग हैं: 'तैयारियों के साल', 'ऊँचाइयों की ओर' और 'शिखर पर'। कुल 12 अध्यायों की इस किताब में नींव के निर्माण से लेकर सेना प्रमुख बनने की पूरी कहानी का दिलचस्प बयान दर्ज है। कहना न होगा कि एक ही वर्ष के अन्तराल में इसके दो संस्करण प्रकाशित हो चुके हैं और पाठकों द्वारा हाथोंहाथ लिए गए हैं।

About the writer

General V. K. Singh & Kunal Verma

General V. K. Singh & Kunal Verma जनरल वी.के. सिंह तीसरी पीढ़ी के सैन्य अधिकारी जनरल वी.के. सिंह राजपूत रेजीमेंट की दूसरी और 25वीं दोनों बटालियनों में सेवारत रहे। अनेक सम्मान प्राप्त जनरल सिंह भारत के चौबीसवें सेना प्रमुख रहे। अपनी इस आत्मकथा में उन्होंने बताया है कि कुछ मुद्दों पर क्यों उन्होंने ऐसा सिद्धान्तगत रुख अपनाया जिससे ताकतवर गुटों के साथ सरकार के भीतर और बाहर भी उनका टकराव हुआ। / कुणाल वर्मा लेखक तथा फिल्म-निर्माता कुणाल वर्मा ने भारतीय सशस्त्र बलों के लिए अनेक उत्कृष्ट फिल्में बनायी हैं जिनमें एनडीए पर उनकी 'दि स्टैंडर्ड बेयरर्स' और 'कारगिल युद्ध' पर उनका वृत्तचित्र शामिल हैं। वह 'द लॉन्ग रोड टु सियाचिन : द क्वेश्चन व्हाई' और 'द नॉर्थ-ईस्ट ट्रिलॉजी' के लेखक भी हैं।

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