Zinda Kahaniyan

Format:Hard Bound

ISBN:978-93-5072-460-6

Author:SHASHIKALA RAI

Pages:195

MRP:Rs.325/-

Stock:In Stock

Rs.325/-

Details

ज़िन्दा कहानियाँ

Additional Information

शशिकला राय की ज़िन्दा कहानियाँ' इस बात का भास्वर प्रमाण हैं कि मीराँ की प्रेम-बेल की तरह (कँटीली चारदीवारियों के पार) इस बहनापे की बेल भी (लोगों के चाहते-न चाहते) इस तरह फैल गयी कि अब उसमें आनन्दफल ('जोसुआ'?) आने ही हैं! विस्मयादिबोधक, समुच्चयबोधक स्पन्दनों पर थिरकती हुई-सी शशिकला की आवेगमयी, उच्छल भाषा इस जोसुआ, इस आनन्दातिरेक का साक्ष्य वहन करती है ! जो लम्बे सन्धान के बाद जीवन की केन्द्रीय विडम्बना से जूझने का यह सूत्र पाने पर मिलती है कि अपनी तकलीफों से निजात पाना हो तो औरों की तकलीफें दूर करने में जुट जाओ। मनोबल बढ़ाने वाली बात कहना, प्रेरक कहानियों की मशाल यात्रा-सी आयोजित करना इसी महद संकल्प का हिस्सा है।

About the writer

SHASHIKALA RAI

SHASHIKALA RAI शशिकला राय शिक्षा : म.., पीएच.डी. ग्राम : सिखा, आजमगढ़ (उ.प्र.) प्रकाशित पुस्तकें : समय के साक्षी निराला, इस्पात में ढलती स्त्री, कथासमय : सृजन आर विमर्श। विभिन्न पत्र पत्रकाआम लखन सम्प्रति : हिन्दी विभाग, पण विश्वविद्यालय, पण, महाराष्ट्र।

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