CULTURE YAKSHAN

Format:Paper Back

ISBN:978-93-5000-634-4

Author:BASHIR BADRA

Pages:434


MRP : Rs. 395/-

Stock:In Stock

Rs. 395/-

Details

कल्चर यक्साँ: बशीर बद्र समग्र

Additional Information

हर बड़े शायर को कड़ी आज़माइशों से गुज़रना होता है। मीर को अपनी अज़मत के इजहार के लिए अज़गर नामा लिखने की ज़रूरत पड़ी। ग़ालिब ने क्या क्या मारका आराइयाँ की। फ़ैज़ जिन्हें उनकी ज़िन्दगी में मक़बूलिअल और इज़्ज़त मिल गयी उन्हें भी आसानी से यह रुतबा नहीं मिला था। गज़िशता तीस बरस में बशीर बद्र ने भी ये सख्तियाँ झेली हैं। ‘इकाई' से लेकर 'आमद' तक उन बड़ी-बड़ी आजमाइशों से वो गुज़रे हैं। उनकी ग़ज़लों की पहली किताब 'इकाई' ने हमारे अदब में तहलका मचा दिया था। एक अजीब शान और धूम से बशीर बद्र ग़ज़ल की दुनिया में आये लेकिन इस पर भी बड़े सर्दो गर्म मौसम गुज़रे, तब वो यहाँ तक पहुँचे हैं। -प्रो. गोपी चन्द नारंग

About the writer

BASHIR BADRA

BASHIR BADRA डॉ॰ बशीर बद्र (जन्म 15 फ़रवरी 1935) को उर्दू का वह शायर माना जाता है जिसने कामयाबी की बुलन्दियों को फतेह कर बहुत लम्बी दूरी तक लोगों की दिलों की धड़कनों को अपनी शायरी में उतारा है। साहित्य और नाटक अकादमी में किये गये योगदानों के लिए उन्हें 1999 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। इनका पूरा नाम सैयद मोहम्मद बशीर है। भोपाल से ताल्लुक़ात रखने वाले बशीर बद्र का जन्म कानपुर में हुआ था। आज के मशहूर शायर और गीतकार नुसरत बद्र इनके सुपुत्र हैं। डॉ॰ बशीर बद्र 56 साल से हिन्दी और उर्दू में देश के सबसे मशहूर शायर हैं। दुनिया के दो दर्जन से ज़्यादा मुल्कों में मुशायरे में शिरकत कर चुके हैं।

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